हाल ही में चीन के साथ सीमा पर हुए तनाव के बाद से देश में चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है. कुछ लोग अपने मोबाइल फोन से चाइनीज ऐप हटा रहे हैं, वहीं कुछ लोग चीन में बनी वस्तुओं को ना खरीदकर अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं.
इसी को लेकर एक खबर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. स्क्रीनशॉट के जरिये दावा किया जा रहा है कि भारत में चीन के बहिष्कार की मांग उठते देख चीनी कंपनियों ने खुद ही ‘Boycott China’ लिखी टोपियां और टी-शर्ट बनाना शुरू कर दिया.
Sanghis will do anything for attention and China will do anything to keep the market up and running!#BoycottChineseProducts pic.twitter.com/uo5kbhHkJi
— Elina 🌹 (@LawyerInBaking) June 8, 2020
इस खबर को ‘Digital Phablet’ नाम की एक वेबसाइट ने 4 जून को प्रकाशित किया था. खबर में ‘Boycott China’ लिखी टोपियां देखी जा सकती हैं और हेडलाइन में अंग्रेजी में लिखा है, “भारत में बढ़ती मांग को देख चीन ‘Boycott China’ कैप्स और टी-शर्ट्स का उत्पदान कर रहा है.”
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट में कही जा रही बात गलत है. दरसअल, इस खबर को एक व्यंग्य-वेबसाइट 'द फॉक्सी' से उठाया गया है. इस खबर का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. वायरल स्क्रीनशॉट में लिखी बात को सच मानकर हजारों लोग इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर चुके हैं. लोगों का कहना है कि इस तनावपूर्ण समय में भी चीन को ये अच्छे से पता है कि धंधा कैसे करना है.
पड़ताल करने पर हमें ‘द फॉक्सी’ नाम की एक वेबसाइट पर इस खबर से जुड़ा एक आर्टिकल मिला. इस आर्टिकल में भी यही लिखा हुआ है कि भारत में बेचने के लिए चीन ‘Boycott China’ की टी-शर्ट्स और कैप्स का उत्पादन कर रहा है. ‘द फॉक्सी’ पर व्यंग्य या हंसी मजाक करने के लिए काल्पनिक खबरों को प्रकाशित किया जाता है. ये बात इस वेबसाइट पर भी साफ तौर पर बताई गई है. ‘द फॉक्सी’ ने यह व्यंग्य 1 जून को प्रकाशित किया था. इसके बाद कुछ वेबसाइट और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस खबर को सच मानकर शेयर कर दिया.
डिस्क्लेमर
चीनी मीडिया ने भी खबर को नकारा
खबर के भारत में वायरल हो जाने के बाद चीनी मीडिया हाउस ग्लोबल टाइम्स ने भी सूत्रों के हवालों से इसका खंडन किया है. चीन में सरकारी सूत्रों ने ग्लोबल टाइम्स को बताया है कि इस तरह की चीन विरोधी वस्तुओं का एक्सपोर्ट करना चीन में प्रतिबंधित और दंडनीय है. इसलिए चीन में इस तरह की चीजों का उत्पादन होना संभव नहीं.
The "Boycott China" items in #India were not made in #China, insiders said, analyzing that it might be Indian sellers who printed the slogans on the plain T-shirts and caps that were imported from China. https://t.co/revpppRqAf pic.twitter.com/GM9G8L7JAA
— Global Times (@globaltimesnews) June 23, 2020
इस बारे में ग्लोबल टाइम्स ने चीन में कुछ टैक्सटाइल एक्सपोर्टर्स से भी बात की. उनका भी यही कहना था कि ‘Boycott China’ से जुड़ी चीजों का ना ही उन्होंने उत्पादन किया और ना ही बेचा क्योंकि ऐसा करना चीन में अवैध है.
पड़ताल में हमें ये भी पता चला कि भारत में ई-कॉमर्स वेबसाइटस पर ‘Boycott China’ लिखी टी-शर्ट्स और कुछ अन्य प्रोडक्ट्स जरूर बेचे जा रहे हैं. लेकिन इनमें से ज्यादातर प्रोडक्ट्स का उत्पादन भारत में ही हो रहा है. यहां पर ये बात साफ होती है कि वायरल पोस्ट में लिखी बात काल्पनिक है जिसे सच मानकर लोग शेयर कर रहे हैं.