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फैक्ट चेक: क्या बांग्लादेश में हिंदू प्रदर्शनकारियों ने बुर्कानशीं महिला को पीटा? इस वीडियो की कहानी कुछ और है

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के तख्तापलट के बाद का नहीं बल्कि 2 अगस्त, 2024 का है, जब बांग्लादेश के नरसिंगडी जिले में अवामी लीग के नेताओं ने शेख हसीना सरकार का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
बांग्लादेश में हिंसा से त्रस्त हिंदुओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक मुस्लिम महिला को बेरहमी से पीटा.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो 2 अगस्त, 2024 यानी बांग्लादेश के तख्तापलट से पहले का है. वीडियो में दिख रही मुस्लिम महिला, कोटा आंदोलन की प्रदर्शनकारी थी. उस पर ये हमला अवामी लीग से जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया था.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों और इनके विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच एक वायरल हो गया है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी हिंदुओं ने एक मुस्लिम महिला को पीटा.

वीडियो में कुछ लोग बुर्का पहने एक महिला को बेरहमी से लाठी-डंडों से पीटते दिख रहे हैं. महिला किसी तरह बच कर भागती है और एक शख्स उसे भीड़ से बचाता है. सोशल मीडिया यूजर्स की मानें तो बुर्का पहने हुए महिला को पीटने वाले लोग हिन्दू समुदाय के हैं जिन्होंने खुद पर हुए हमलों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान इस महिला को पीटा है.

वायरल वीडियो को शेयर करते हुए एक  ने लिखा, “बांग्लादेशी हिंदू भीड़ ने हिजाब पहने हुए मुस्लिम महिलाओं पर हमला किया और मुस्लिम घरों पर हमला किया, क्योंकि वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में असुरक्षित होने की शिकायत करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.”

बता दें कि बांग्लादेश में पांच अगस्त को हुए तख्तापलट के बाद देश के कई राज्यों में  की खबरें आ रही हैं.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के तख्तापलट के बाद का नहीं बल्कि 2 अगस्त, 2024 का है, जब बांग्लादेश के नरसिंगडी जिले में अवामी लीग के नेताओं ने शेख हसीना सरकार का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था.

कैसे पता चली सच्चाई?

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें एक फेसबुक पोस्ट (  https://www.facebook.com/watch/?v=476798055205178  ) मिला जिसे 2 अगस्त, 2024 को पोस्ट किया गया था. यहां इस वीडियो को बांग्लादेश के नरसिंगडी जिले के उपजिला मोड़ का बताया गया है. इतनी बात तो यहीं साबित हो जाती है कि वीडियो तख्तापलट के बाद हो रहे हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन का नहीं है.

और खोजने पर हमें 2 अगस्त की एक वीडियो रिपोर्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो भी देखा जा सकता है. “बयानो न्यूज” की इस रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के कोटा आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आम लोगों पर छात्र लीग (अवामी लीग का छात्र संगठन) से जुड़े लोगों ने पुलिस के सामने हमला किया था. यहां भी इस घटना को नरसिंगडी जिले का ही बताया गया है.

कीवर्ड सर्च करने पर हमें इस घटना से जुड़ी कई  भी मिलीं. 'द डेली स्टार बांग्ला' की में बताया गया है कि 2 अगस्त को कोटा आंदोलन के दौरान मारे गए पीड़ितों को याद करते हुए छात्रों ने रैली निकाली थी. ये रैली बांग्लादेश के नरसिंगडी सदर उपजिले में निकली थी. जब ये रैली नरसिंगडी प्रेस क्लब के पास पहुंची तो बांग्लादेश छात्र लीग, जुबो लीग (अवामी लीग का यूथ विंग) और महिला छात्र लीग के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया. इस हिंसक हमले में 12 लोग घायल हुए थे.

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समय न्यूज की में बताया गया है कि ये हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ था. नरसिंगडी सदर थाने के इंचार्ज तनवीर अहमद ने कहा था कि ये बस छोटी सी झड़प थी. पुलिस ने किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया था.

यहां हम ये तो नहीं कह सकते कि बुर्का पहने हुए महिला पर हमला करने वाले लोग हिन्दू थे या नहीं, मगर इतनी बात पक्की है कि ये हमला कोटा आंदोलन के दौरान हुआ था. इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.

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