1989 में आई फिल्म घर का चिराग में पत्नी और बच्चे की मौत के साथ ही बिजनेस मैन कुमार के पिता बनने की उम्मीद भी खत्म हो जाती है, लेकिन किस्मत से वह एक बिन बाप के बच्चे का पिता बन जाता है.