पावर कपल विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपनी स्पिरिचुअल जर्नी को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. अनुष्का ने एक बार कहा था कि आध्यात्म से उन्हें एनर्जी मिलती है. सालों पहले इंडिया की पहली वीजे रुबी भाटिया ने भी इसी फिलॉसफी को अपनाने का खुलासा किया था.
रुबी की आध्यात्मिक जर्नी
रुबी का मानना है कि आध्यात्म ने बतौर वीजे उनके करियर को बूस्ट किया था. बाद में परिवार की खातिर रुबी ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री छोड़ी और संन्यास लिया था. आरती नागपाल के पॉडकास्ट में अपनी जर्नी पर रुबी ने बात की. उन्होंने बताया कि इंडिया आने के बाद वो सबसे पहले जुहू के इस्कॉन मंदिर गई थीं. वहां से उनकी आध्यात्मिक जर्नी शुरू हुई थी. उन्हें रातोरात सफलता मिला. वो स्टार बनीं. 25-30 की उम्र में रुबी ने टीवी शोज किए. वो फुल फ्लेज्ड ISKCON भक्त बनीं. वो कंठी पहनने लगीं. तिलक लगातीं और साड़ी पहनतीं. शूट पर जाने से पहले खुद को रिचार्ज करने के लिए ISKCON जाती थीं.
30 साल की होने के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आया. पापा की उनकी शादी को लेकर चिंता देखते हुए रुबी ने ISKCON छोड़ा. तब उन्हें लगा उनकी एनर्जी छूट गई है. रुबी की ये शादी नहीं चली. पति से उनका तलाक हो गया था. शादी टूटने के बाद रुबी पूरी तरह से आध्यात्म की राह पर निकल गईं. उन्होंने संन्यास ले लिया था. फोन बंद किया. लोगों से बात करनी बंद की. इंडिया आकर धर्म गुरुओं से मिलीं. रुबी ने बताया कि वो अपने गुरु परमहंस योगानंद से मिलीं. उनके उपदेशों ने उनके सभी सवालों के जवाब दिए. वो 2 साल तक चुप रहीं. इस दौरान उन्होंने क्रिया योगा किया.
उनके इस ट्रांसफॉर्मेशन को देख कईयों ने समझा कि वो नशा करने लगी हैं. वो कहती हैं- लोग मेरी आंखों को देखकर समझते थे मैं ड्रग्स लेती हूं, लेकिन मैं मैडिटेशन में थी. मेरा फेस पूरी तरह बदल गया था. रुबी ने बताया कि भगवान कृष्ण संग उनकी दोस्ती है. वो कहती हैं- मैं हमेशा कृष्ण संग बैठती हूं. मेरा मानना है दो भगवान हैं. एक आसमान में. दूसरा वो जो मेरे साथ रहते हैं, मेरे दोस्त. रुबी के मुताबिक, वो कृष्ण से बातें करती हैं. वो रेस्टोरेंट में उनके साथ बैठकर लंच करती हैं. दोनों जिंदगी के बारे में बात करते हैं. कृष्ण और वो उनकी आध्यात्मिक जर्नी शुरू होने से पहले दोस्त थे.