टेलीविजन एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. वो बेबाक एक्ट्रेसेस में से एक हैं, जो अपनी बात रखने से चूकती नहीं हैं. मुस्लिम धर्म में शादी करने के लिए उन्हें ट्रोल किया जाता है. उनके बेटे की परवरिश पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है. अब देवोलीना ने अपनी लाइफ की मुश्किलों का जिक्र किया है.
मां ने अकेले पाला
हाल ही में देवोलीना भट्टाचार्जी अपनी दोस्त-एक्ट्रेस रश्मि देसाई के पॉडकास्ट में पहुंचीं. वहां उन्होंने शादी, बच्चा और काम से रिलेटेड चीजों पर बात की. देवोलीना ने ये भी बताया कि उनका बचपन काफी संघर्षभरा रहा. एक्ट्रेस कहती हैं कि मेरे पापा बचपन में गुजर गए थे. मां ने हम तीन भाई-बहनों की परवरिश की. मेरे दो छोटे भाई थे, जिसमें से एक बचपन में ही गुजर गया था.
'पापा के जाने के बाद मां ने हमारी सारी जरूरतें पूरी कीं. उन्होंने हमें अच्छी परवरिश दी. सोच कर दंग रह जाती हूं कि उन्होंने अकेले सब कैसे किया होगा. आज उनके तीन मकान हैं. उन्होंने हमारी पढ़ाई-लिखाई में भी कमी नहीं रखी. बड़ी बात ये है कि वो बीमार रहती थीं. उन्हें कई बीमारी हैं. वो दिन में 18-19 दवाई खाती हैं.'
'मैंने बचपन में मां को दर्द में देखा है. मैं उन्हें बच्चों की तरह दवाई खिलाती थी. अगर उनके साथ नरम रहती, तो शायद वो कभी दवा भी नहीं खातीं.' एक्ट्रेस ने कहा कि इतना सब करने के बाद भी बहुत कुछ सुनना पड़ता है. ये बताते हुए वो रो पड़ीं.
कौन सा धर्म अपनाएगा बेटा?
देवोलीना ने शादी के बाद मिलने वाली नफरत पर भी बात की. उनसे ये भी पूछा जाता है कि उनका बेटा मुस्लिम धर्म फॉलो करेगा या हिंदू. इस पर उन्होंने कहा कि मैं असम से हूं. असम के लोगों में बहुत यूनिटी होती है. मैं क्रिश्वचन स्कूल में पढ़ी हूं. मेरे बहुत सारे मुस्लिम दोस्त थे. मुझे पता है कि मैं इंडिया में रहती हूं और मेरा एक ही धर्म है.
देवोलीना ने ये भी बताया कि उनके पति शाहनवाज शेख उनसे उम्र में छोटे हैं, लेकिन कई मामलों में उनसे बहुत ज्यादा मेच्योर हैं.