रिलीज से ठीक पहले संजय बारू की किताब पर आधारित फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' बुरी तरह विवादों में उलझ चुकी है. मुजफ्फरपुर बिहार की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका निभानेवाले अभिनेता अनुपम खेर समेत 14 कलाकारों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश स्थानीय थाने को दिया.
कोर्ट के अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) (पश्चिम) न्यायाधीश सब्बा आलम की अदालत ने अधिवक्ता सुधीर ओझा के एक परिवादपत्र की सुनवाई करते हुए फिल्म के अभिनेता अनुपम खेर समेत कुल 14 कलाकारों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच का आदेश मुजफ्फरपुर के कांटी थाना प्रभारी को दिया है.
Thank you members of the media in Delhi for your warmth during our interaction. It was a pleasure talking to you about our film . Releasing on 11th Jan.🙏😍
— Anupam Kher (@AnupamPKher)
अधिवक्ता सुधीर ओझा ने बताया कि अदालत ने थाना प्रभारी को IPC की धारा 295, 293, 153, 153 (ए), 504, 506, 120 (बी) तथा 34 के तहत सभी कलाकारों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. ओझा ने 2 जनवरी को अदालत में एक परिवादपत्र दायर कर फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की छवि खराब करने और देश की छवि से खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया है.
Making of : This is a 20sec time lapse video of a two hour job done by my great make up & wardrobe team. Thank you Abhilasha for costumes. Bala’s team Pranay, Deepak, Rishi, Mangesh & Jaspreet for turban. I couldn’t have done this without you.🙏😍
— Anupam Kher (@AnupamPKher)
परिवादपत्र में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह समेत देश के कई नेताओं की छवि को बिगाड़ने की नीयत से ही यह फिल्म बनाई गई है. फिल्म में देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ किया गया है. बता दें कि फिल्म में भाजपा सांसद किरण खेर के प्रसिद्ध अभिनेता पति अनुपम खेर और भाजपा सांसद रहे चर्चित अभिनेता (दिवंगत) विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना ने प्रमुख भूमिका निभाई है.
Here is a glance at the making of 's oath taking ceremony. Coming to cinemas on January 11.🙏😍
— Anupam Kher (@AnupamPKher)
संजय बारू की लिखी किताब पर बनी इस फिल्म की कहानी दर्शकों के गले उतरती है या नहीं, यह तो इसके रिलीज होने पर ही पता चलेगा. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में फायदा लेने के लिए यह फिल्म बनवाई है और जब चुनाव में सिर्फ 5 महीने रह गए हैं, तब इसे रिलीज किया जा रहा है.