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पद्मावती विवाद पर बोले प्रकाश राज, आवाजें दबाना असहिष्णुता नहीं तो क्या?

फिल्म पद्मावती को लेकर हो रहे विरोध के मामले में प्रकाश राज ने भी टि्वटर के जरिए अपनी राय दी है. उन्होंने गोवा फिल्म फेस्ट‍िवल से हटाई गईं फिल्म एस दुर्गा और न्यूड का भी जिक्र किया.

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प्रकाश राज
प्रकाश राज

फिल्म 'पद्मावती' को लेकर हो रहे विरोध के मामले में प्रकाश राज ने भी टि्वटर के जरिए अपनी राय दी है. उन्होंने गोवा फिल्म फेस्ट‍िवल से हटाई गईं फिल्म 'एस दुर्गा' और 'न्यूड' का भी जिक्र किया.

प्रकाश राज ने अपने ट्वीट में लिखा, एक नाक काटना चाहता है..एक कलाकार को पीछे करना चाहता है. एक अभिनेता को शूट करना चाहता है ... और एक जूरी द्वारा चुने जाने के बावजूद फिल्म समारोह से कुछ फिल्मों को हटाना चाहता है. और आप चाहते हैं कि हम मानें कि असहिष्णुता का कोई निशां नहीं है..? आवाज़ें दबाना ..? दहशत फैलाना..?

प्रकाश राज इससे पहले भी दहशत और असहिष्णुता के खिलाफ बोल चुके हैं. पिछले दिनों उन्होंने कमल हासन का समर्थन करते हुए टि्वटर पर लिखा था 'धर्म, संस्कृति और नैतिकता के नाम पर डर पैदा करना आतंक नहीं तो क्या है?'

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प्रकाश ने #justasking के जरिए लिखा था, 'यदि मेरे देश की सड़कों पर युवा जोड़ों को गाली देना और मारपीट करना आतंक नहीं है, यदि कानून अपने हाथ में लेना और गौ-हत्या के शक की बिनाह पर भीड़ का किसी को मारना आतंक नहीं है, यदि गालियों के साथ ट्रोल करना, धमकाना, मतभेद की छोटी सी भी आवाज को दबाना आतंक नहीं है तो फिर आतंक और क्या है.'

इससे पहले प्रकाश राज ने बेंगलुरू में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की स्टेट मीट में कहा था, 'गौरी लंकेश के हत्यारों का पता चले या न चले, लेकिन जिस तरह एक बड़ी भीड़ सोशल मीडिया पर उनकी मौत को सेलिब्रेट कर रही है, वह परेशान करने वाली बात है. हम सब जानते हैं कि ये कौन लोग हैं और उनकी क्या विचारधारा है. इनमें से कई ऐेसे हैं, जिन्हें नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं. ये सब बातें चिंताजनक है कि हमारा देश कहा जा रहा है. प्रकाश राज ने आगे कहा, मैं कोई अवॉर्ड नहीं चाहता. मुझसे न कहें कि अच्छे दिन आएंगे. मैं जाना पहचाना एक्टर हूं, जब आप एक्ट‍िंग करते हैं तो मैं पहचान लेता हूं.'

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