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मिस इराक ने मिस इजराइल संग ली सेल्फी, परि‍वार को छोड़ना पड़ा देश

बिकिनी शूट करवाने और मिस इजरायल के साथ सेल्फी पोस्ट करने को लेकर मिस इराक सारा इदान के परिवार को मिल रहीं जान से मारने की ध‍मकियों के चलते छोड़ना पड़ा देश.

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मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन और मिस इराक सारा इदान
मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन और मिस इराक सारा इदान

मिस यूनि‍वर्स प्रतियोगिता के दौरान मिस इराक सारा इदान को मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन के साथ सेल्फी लेना इतना मह‍ंगा पड़ा कि उनके परिवार और उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिलना शुरू हो गईं. मिल रही धमकियों के चलते मिस इराक के परिवार को अपना देश तक छोड़ना पड़ गया है. जानें क्या है पूरा मामला...

दरअसल इस साल 14 नवंबर कमिस यूनिवर्स-2017 प्रतियोगि‍ता के दौरान मिस इराक सारा इदान ने मिस इजारायल के साथ सेल्फी लेकर उसे अपने इंस्टाग्राम अकांउट पर पोस्ट कि‍या था.  इस सेल्फी को पोस्ट करने को लेकर और  प्रतियोगि‍ता के लिए करवाए गए बिकिनी शूट करवाने पर सारा को धमकियां मिलनेलगीं.

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सेल्फी को पोस्ट करते ही सारा और उनके परिवार को जान से मारने और उनका ताज छिनने की धमकियां मिलना शुरू हो गईं. इसी के चलते सारा का परिवार इराक छोड़ अमेरिका चला गया. मिस इजरायल अदार गेंडल्‍समैन ने Hadashot नाम के न्यूज चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया कि सारा अमेरिका रहती हैं, बिकिनी शूट करवाने को लेकर और मिस इजरायल के साथ सेल्फी पोस्ट करने के बाद मिल रहीं धमकियों के चलते उनके परिवार को अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

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अदार ने Jewish Chronicle को बताया कि तस्वीर को पोस्ट करने को लेकर सारा के परिवार को लगातार धमकियां मिल रहीं थीं. उन्होंने कहा कि लोग इदान और उनके परिवार के खि‍लाफ खड़े हो गए और उन्हें धमकी दी गई कि अगर उनका परिवार और वो देश वापि‍स लौटे तो उन्हें मार दिया जाएगा और उनका ताज भी छीन लिया जाएगा. '

मिस इराक सारा इदान ने मिस इजरायल के साथ तस्वीर को पोस्ट कर एक साथ मिलकर रहने का संदेश दिया था. बता दें लंबे समय से इराक और इजरायल देश के बीच तनातनी चल रही है. दोनों देशों के बीच कई बार युद्ध हो चुका है और लाखों लोग इसमें जान गवां चुके हैं.

सारा इदान ने इस पूरी घटना पर एक ट्वीट भी किया, उन्होंने लिखा, 'मैं पहली और आखि‍री इंसान नहीं हूं जिन्हें व्यक्‍तिगत आजादी को लेकर इस तर‍ह के फैसलों का सामना करना पड़ रहा है. लाखों इराकी महिलाएं इस तरह के डर में जीने को मजबूर हैं.'

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