अदनान सामी ने 7 अक्टूबर को श्रीनगर में डल झील के किनारे फ्री कॉन्सर्ट रखा था. यह कॉन्सर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सरकार ने संयुक्त रुप से रखा था. यह प्रोग्राम टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए रखा गया था.
हालांकि कॉन्सर्ट में ज्यादा लोग नहीं आए और कुर्सियां खाली ही दिख रही थीं. खाली कुर्सियों की तस्वीरें बहुत लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल हैं. उन्होंने ट्वीट किया- खाली कुर्सियां और देर से शुरुआत दिखाती हैं कि कश्मीर क्या है- खाली होटलें, खराब शासन प्रणाली और पब्लिक की निराशा.
The empty seats & delayed start are showing Kashmir for what it is - empty hotels, poor governance & general public despondency.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah)
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा- यह दुखद है. मैं आशा करता हूं कि लोगों ने सीटें अब भर गई होंगी.
That’s a real pity. I hope people have filled those seats now. For an evening they can let the music transport them to a more peaceful place
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah)
उमर अब्दुल्ला के ट्वीट से नाराज अदनान ने उनको रिप्लाई करते हुए भरी हुई कुर्सियों की तस्वीर शेयर की और लिखा- भाई आप पूर्व मुख्यमंत्री हैं... आपको एक म्यूजिक कॉन्सर्ट से इतना निराश नहीं होना चाहिए. आपके सूत्र अच्छे नहीं हैं, जिन्होंने आपको झूठी खबर दी है. ये रही तस्वीरें...
Bro ur a former CM..U shouldn’t be so unnerved by a music concert. U obviously have bad sources who lie 2 U - HERE are d photos!!🙌😁
— Adnan Sami (@AdnanSamiLive)
आपको बता दें कि यह कॉन्सर्ट पब्लिक के लिए नहीं था. शो का पास पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों, राजनेताओं और उनके परिवारों को दिया गया था, लेकिन ज्यादा लोग आ नहीं पाए. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू तो प्रोग्राम में आए थे, लेकिन मुख्यमंत्री महबूहा मुफ्ती, उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह और सभी बीजेपी के मंत्रियों ने कॉन्सर्ट में हिस्सा नहीं लिया.
अदनान सामी ने कहा कि वह कश्मीर की प्राकृतिक सुन्दरता से समोहित हैं. उन्होंने शो की शुरुआत अपने हिट गाने 'मैं सिर्फ तेरा महबूब’ से शुरूआत की. उन्होंने कहा, मेरा जम्मू कश्मीर के साथ गहरा संबंध है. न केवल मेरी मां जम्मू से है बल्कि मैंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत प्रख्यात संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा से सीखा और वह भी जम्मू के रहने वाले हैं.'