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एंटरटेनमेंट न्यूज़

कभी झुग्गी में रहे-अधूरे छूटे सपने, गरीबी ने अलख पांडे को बनाया 'फिजिक्स वाला', करोड़ों में नेटवर्थ

अलख पांडे
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कहते हैं मेहनत और जुनून हो, तो जिंदगी में सब कुछ हासिल किया जा सकता है. ऐसे ही एक शख्स की कहानी TVF (द वायरल फीवर) लेकर आया है. वेब सीरीज का नाम 'हैलो बच्चो' है. जिसमें फिजिक्स वाला कंपनी के फाउंडर अलख पांडे की कहानी दिखाई जाएगी. 
 

अलख पांडे
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सीरीज में मिडिल क्लास स्टूडेंट्स के सपनों और मुश्किलों से रूबरू कराया गया है. इसमें विनीत कुमार सिंह लीड रोल में हैं. वो ऑनस्क्रीन अलख पांडे का किरदार निभाएंगे. फैंस इस प्रोजेक्ट के लिए सुपर एक्साइटेड हैं. इसे प्रतिश मेहता ने डायरेक्ट किया है. ये नेटफ्लिक्स पर आई है. 
 

अलख पांडे
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अलख पांडे हाल ही में 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' पर नजर आए थे. कॉमेडियन से बात करते हुए उन्होंने अपने मुश्किल भरे दिनों और संघर्ष पर बात की थी. कभी गरीबी में पले अलख की आज नेटवर्थ करीब 14,510 करोड़ रुपये बताई जाती है.
 

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अलख पांडे
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अलख ने शो में बताया कैसे पढ़ना उनके लिए एक मजबूरी थी. जब वो छठी क्लास में थे. पापा को घर बेचना पड़ा था. तब वो एक झुग्गी में रहने लगे थे. 1,100 रुपये किराया देते थे. वो IIT जैसी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते थे. 
 

अलख पांडे
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लेकिन घर पर कोई मदद करने वाला नहीं था. इसलिए उन्होंने आठवीं क्लास से ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. वो मजबूरी में बच्चों को पढ़ाने लगे थे. ऐसा करना उनका कोई पैशन या हॉबी नहीं था. बल्कि मजबूरी थी. शो में अलख ने कहा था- गरीब इंसान की लाइफ में पैशन या हॉबी नहीं होती. ये अमीरों की लग्ज़री है. हमारी तो बस मजबूरी होती है कि काम करके पैसे कमाओ. 
 

अलख पांडे
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अलख ने बताया कि वो घर-घर जाकर ट्यूशन देते थे. पैसों की कमी के कारण आईआईटी की कोचिंग नहीं कर पाए थे. उन्होंने कॉलेज के बाद फिजिक्स पढ़ाने का फैसला किया. वो एजुकेशन फील्ड के जाने माने नाम एनवी सर से सीखने कोटा गए थे. 
 

अलख पांडे
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अपनी जर्नी को याद करते हुए उन्होंने कहा- जब मैं कोटा गया तो मुझे एनवी सर के वीडियो चाहिए थे. असली वीडियो  80,000 रुपये के थे, लेकिन कोटा की स्टेशनरी दुकानों पर पेन ड्राइव में पायरेटेड कॉपी उन्हें 4,000 रूपये में मिल गई थी. 
 

अलख पांडे
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पढाई के वक्त उन्हें एहसास हुआ कि उनकी तरह दूसरे लोग पैसों की वजह से पढ़ाई से वंचित नहीं होने चाहिए. इसलिए उन्होंने खुद का प्लेफॉर्म खोलकर बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया. इसी नेक सोच के साथ वो बन गए 'फिजिक्सवाला'.
 

All Photos: Social Media

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