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किस बीमारी से जूझी शमिता शेट्टी? महीनों तक परेशान रहीं, अब शेयर की अपनी तकलीफ

एक्टर शमिता शेट्टी ने एंडोमेट्रियोसिस से अपनी लड़ाई और महीनों तक इसके लक्षणों को नजरअंदाज करने की वजह के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने क्या कुछ कहा, जानिए

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शमिता शेट्टी ने क्या बताया? (Photo: Instagram @shamitashetty_official)
शमिता शेट्टी ने क्या बताया? (Photo: Instagram @shamitashetty_official)

एक्टर और राइटर सोहा अली खान के शो 'ऑल अबाउट हर' के 10 जुलाई के एपिसोड में, बॉलीवुड एक्टर शमिता शेट्टी ने एंडोमेट्रियोसिस से अपनी मुश्किल लड़ाई के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि क्यों इस गंभीर बीमारी का अक्सर गलत पता चलता है और कैसे लाखों महिलाएं चुपचाप इससे जूझ रही होंगी.

शमिता के लिए सही बीमारी का पता लगाने का सफर खुद पर शक करने और मेडिकल चूक का एक मुश्किल दौर था. जब सोहा ने पूछा, 'असली वजह पता चलने से पहले आप कितने समय से दर्द में थीं?' तो शमिता ने माना कि आम मेडिकल जांच में असल समस्या का पता नहीं चल पाया.

अपनी हेल्थ को लेकर बोलीं शमिता
शमिता ने बताया, 'मुझे लगता है कि मेरे मामले में मैंने इसे काफी समय तक खींचा क्योंकि शुरू में मुझे सही बीमारी का पता नहीं चला था. जब भी मुझे कुछ लक्षण महसूस होते, तो मैं खुद से कहती शायद यह सामान्य है. जब मैं पहली बार अपनी गायनेकोलॉजिस्ट के पास इन चिंताओं को लेकर गई तो उन्होंने सभी रूटीन टेस्ट, पैप स्मीयर और बाकी सब कुछ किया ताकि यह पक्का हो सके कि सब ठीक है. जब वे रिपोर्ट नॉर्मल आईं, तो किसी ने आगे कुछ और जांचने के बारे में नहीं सोचा. बात वहीं खत्म हो गई.'

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शुरुआत में बीमारी का पता न चलने की वजह से शमिता ने अपनी तकलीफ को मन में ही दबा लिया. एक ऐसी सच्चाई जो महिलाओं के लिए बहुत आम है. इसलिए जब भी लक्षण वापस आते, तो मैं सोचती, 'पिछली बार तो कुछ नहीं निकला था, तो शायद यह सामान्य है. शायद यह औरत होने का ही एक हिस्सा है.' जैसा कि आपने सही कहा, हम असल में जो दर्द महसूस करते हैं, उसे जाहिर नहीं करते. बहुत सी चीजें, चाहे वह पीरियड का दर्द हो या हमारे हार्मोन से जुड़ी कोई बात, महिलाओं के लिए सामान्य मान ली जाती हैं. हमसे बस यही उम्मीद की जाती है कि हम उनके साथ ही जिएं.'

जब शरीर जवाब मांगता है
शमिता ने समझाया कि आखिरकार यह बीमारी इतनी बढ़ गई कि वह इसे और नजरअंदाज नहीं कर सकती थीं.

शमिता ने कहा, 'मेरे लिए, सर्जरी से लगभग छह से आठ महीने पहले दर्द की तीव्रता सचमुच बढ़ गई थी. उससे पहले, यह इतना गंभीर नहीं था.' 'मैं ऐसी इंसान हूं जो बहुत ज्यादा दर्द सह सकती हूं. मैंने सालों तक कई चोटों का सामना किया है, इसलिए मैं दर्द के बावजूद काम करती रहती हूं. लेकिन जब दर्द की वजह से मेरी नींद खुलने लगी, तब मुझे एहसास हुआ कि कुछ गंभीर गड़बड़ है. मेरा शरीर मुझे संकेत दे रहा था कि मुझे इसके कारणों का पता लगाना होगा.'

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बीमारी का पता लगाने में उलझन इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि उनके गंभीर लक्षणों की शुरुआत एक और बड़े हार्मोनल बदलाव के समय ही हुई थी.

शमिता ने माना, 'मैं बहुत उलझन में थी क्योंकि यह सब उसी समय हो रहा था जब मैं पेरिमेनोपॉज़ (मेनोपॉज से पहले का समय) के बारे में जान रही थी.' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे हार्मोन में पहले से ही बहुत कुछ हो रहा था, इसलिए मैं समझ नहीं पा रही थी कि जो मैं महसूस कर रही हूं, वह पेरिमेनोपॉज का हिस्सा है या कुछ और गड़बड़ है.'

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