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जया बच्चन-शर्मिला टैगोर को सत्यजीर रे ने किया था लॉन्च, आज भी मौजूं हैं उनकी फिल्में

सत्यजीत रे ने अपने काम से सभी को इम्प्रेस किया है. उन्होंने इंडस्ट्री की दो बेहद ही टेलेंटेड एक्ट्रेसेज से रुबरु कराया. उन्होंने जया बच्चन और शर्मिला टैगोर को लॉन्च किया था. जया ने सत्यजीत रे की बंगाली फिल्म महानजर में नजर आई थीं.

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जया बच्चन-सत्यजीत रे-शर्मिला टैगोर
जया बच्चन-सत्यजीत रे-शर्मिला टैगोर

डायरेक्टर सत्यजीत रे का नाम भारतीय फिल्म जगत में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. सत्यजीत रे ने अपनी फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. उनकी फिल्मों की कहानी आम आदमी से सीधा कनेक्ट करती थी. देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनियाभर में वो अपने काम का लोहा मनवा चुके हैं.  सत्यजीत भले ही आज हमारे साथ नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में आज भी मौजूं हैं. 23 अप्रैल को सत्यजीत रे की डेथ एनिवर्सरी है.

जया बच्चन-शर्मिला टैगोर को किया लॉन्च
सत्यजीत रे ने अपने काम से सभी को इम्प्रेस किया है. उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री की दो बेहद ही टैलेंटेड एक्ट्रेसेज से रुबरू कराया. उन्होंने जया बच्चन और शर्मिला टैगोर को लॉन्च किया था. जया ने सत्यजीत रे की बंगाली फिल्म महानजर में नजर आई थीं. ये उनकी डेब्यू फिल्म थी. इसमें वो सपोर्टिंग रोल में थीं.

वहीं शर्मिला टैगोर ने 14 साल की उम्र में सत्यजीत रे के बंगाली ड्रामा The World of Apu से डेब्यू किया था. इस के बाद उन्होंने सत्यजीत रे के साथ देवी, नायक, Aranyer Din Ratri, Seemabaddha जैसी फिल्मों में काम किया. आज दोनों ही एक्ट्रेसेज बड़ा नाम हैं. हालांकि, अब दोनों ने फिल्मों से दूरी बनाई हुई हैं.

वहीं सत्यजीत रे की फेमस फिल्मों की बात करें तो इसमें अपू ट्रायोलॉजी, महानजर, चारूलता, पारस पत्थर, प्रतिद्वंदी,    Abhijan, Goopy Gyne Bagha Byne और आगुंतक शामिल हैं. अपू ट्रायोलॉजी को तीन भागो में बनाया गया था. पहला भाग पत्थर पंचली दूसरा भाग अपराजितो और तीसरा भाग द वर्ल्ड ऑफ अपू था. फिल्म के तीनों भागों को खूब पसंद किया गया था. शतरंज के खिलाड़ी हिंदी भाषा में बनाई गई सत्यजीत दा की एकलौती फिल्म थी. फिल्म की कहानी अवध के आखरी मुगल वाजिद अली शाह और उनके शासन के पतन पर फिल्माई गई थी.  
 
सत्यजीत रे के घर पहुंचा ऑस्कर
बता दें कि सत्यजीत रे को ऑस्कर का ऑनरेरी अवॉर्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट देने की घोषणा की गई थी. लेकिन उस दौरान वे बहुत बीमार थे. ऐसे में ये फैसला लिया गया कि ऑस्कर उनके पास घर पर पहुंचाया जाएगा. ऑस्कर के पदाधिकारियों की टीम कोलकाता में सत्यजीत रे के घर पहुंची थी और उन्हें अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.  
 

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