scorecardresearch
 

न छुट्टी, न त्योहार फिर भी कमाई की बौछार... 'सुपरस्टार' रणबीर की फिल्मों में है ये यूनीक बात

रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' का क्रेज जनता के सर चढ़कर बोल रहा है. पहले ही दिन से फिल्म के शोज में जमकर भीड़ रही और बहुत सारे थिएटर्स में वीकेंड के लिए फिल्म के टिकट मिलना मुश्किल हो चुका है. रणबीर की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तो बनाए ही हैं. मगर उनके स्टारडम को बनाने वाली फिल्मों में एक बहुत अलग बात है.

Advertisement
X
'एनिमल' में रणबीर कपूर
'एनिमल' में रणबीर कपूर

'एनिमल' के लिए थिएटर्स में जुट रही भीड़ और फिल्म की कमाई के आंकड़े, रणबीर कपूर के स्टारडम का सबसे बड़ा सबूत हैं. ऐसा नहीं है कि रणबीर के हिस्से बॉक्स ऑफिस वाली कामयाबी नहीं आई. लेकिन इसका उनकी कामयाब फिल्मों का स्केल, उनकी कमाई और ऑडियंस के सर पर फितूर उस लेवल का नहीं था, जो इस बार 'एनिमल' के लिए नजर आ रहा है.

'एनिमल' के लिए जनता के क्रेज का नतीजा ये है शाहरुख के बाद सिर्फ रणबीर ही दूसरे बॉलीवुड सुपरस्टार हैं जिसकी फिल्म ने पहले दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन किया है. 'जवान' जैसी विशाल बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर वाले साल में, 'एनिमल' को दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग मिली है. 'पठान' और 'गदर 2' से भी बड़ी. और पहले ही दिन करीब-करीब 64 करोड़ कमा चुकी 'एनिमल' रणबीर की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म भी है. 

टिकट खिड़की पर रणबीर के स्टारडम का सफर  
रणबीर, बॉलीवुड के सबसे बड़े परिवार कपूर परिवार से आए, जहां हर जेनरेशन से एक बड़ा बॉलीवुड स्टार निकला है. कपूर्स के ट्रेडमार्क गुड लुक्स के साथ आ रहे रणबीर से शुरू से ही सभी को बहुत उम्मीदें थीं. 2007 में जब रणबीर की पहली ही फिल्म 'सांवरिया' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई, तो बहुत लोगों के मन में सवाल आया कि कहीं उनका नाम फ्लॉप स्टारकिड्स वाली लिस्ट का हिस्सा न बन जाए. 

Advertisement
'सांवरिया' में रणबीर कपूर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

अगले ही साल रणबीर अपने सम्पूर्ण चार्म के साथ 'बचना ऐ हसीनों' में नजर आए और इस फिल्म ने उन्हें बॉक्स ऑफिस पर भी कामयाबी का स्वाद चखाया. 2008 में इस फिल्म से रणबीर की कामयाबी शुरू हुई और 2013 तक उनकी बॉक्स ऑफिस पर पकड़ लगातार बनी रही. अजब प्रेम की गजब कहानी, अनजाना अनजानी, रॉकेट सिंह, रॉकस्टार, बर्फी जैसी फिल्में इसी दौर में आईं. और फिर आई रणबीर की पहली सुपरहिट ये जवानी है दीवानी. वो बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार्स में से एक कहे जाने लगे. 

लेकिन इसके ठीक बाद के सालों में रणबीर की बेशरम, रॉय, बॉम्बे वेलवेट और तमाशा वाली फिल्में लाइन से फ्लॉप हो गईं. इन फ्लॉप फिल्मों की लाइन ने ये सवाल खड़ा किया कि क्या रणबीर कभी बॉलीवुड की नई जेनरेशन का वो सुपरस्टार बन पाएंगे, जो आगे चलकर तीनों खान्स- शाहरुख, सलमान, आमिर या ऋतिक रोशन की तरह बॉक्स ऑफिस का भार अकेले उठा ले? 

'ये जवानी है दीवानी' में रणबीर कपूर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

रणबीर के एक्टिंग टैलेंट को लोग हमेशा टॉप क्लास मानते रहे, लेकिन अगर फिल्मों की एक पूरी इंडस्ट्री है तो उसके अपने कमर्शियल गणित भी होंगे ही. और इस गणित में सुपरस्टार बहुत मायने रखते हैं. 2016 के बाद भी  रणबीर के खाते में 'जग्गा जासूस' और 'शमशेरा' जैसी फ्लॉप हैं. मगर इस बीच उनकी फिल्में कामयाबी ज्यादा लेकर आईं. ऐ दिल है मुश्किल, संजू, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार की कामयाबी के बाद अब एनिमल से रणबीर एक पक्के वाले सुपरस्टार कहे जा सकते हैं. मगर रणबीर की इस कामयाबी में एक तगड़ा एक्स-फैक्टर है, जो उन्हें बाकी सुपरस्टार्स से अलग करता है. इस पर नजर डालने के बाद रणबीर की कामयाबी का लेवल समझ में आता है. 

Advertisement

बेमौके का सुपरस्टार 
सुपरस्टार्स अपने कंधों पर थिएटर्स को बड़ी कमाई देने वाली फिल्मों का भार ढोते हैं. मेहनत से कम बजट में बनी फिल्में भी जिन थिएटर्स में बिना खास बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जुटाए चलती हैं, उन्हें साल भर कमाई करवाने का जिम्मा उन 4-5 बड़ी फिल्मों पर ही होता है जिनमें बड़े नाम होते हैं. और इसीलिए साल के रिलीज कैलेंडर में बड़े-बड़े मौके हमेशा से सुपरस्टार्स के लिए बुक रहते हैं. पिछले कई सालों से थिएटर्स की ईद तो परमानेंट सलमान खान के नाम ही रही है. 

'संजू' में रणबीर कपूर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

क्रिसमस, दिवाली, स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े मौकों और छुट्टी वाले हफ्तों पर हमेशा उन फिल्मों का नाम लिखा रहता है जिनमें लीड रोल सुपरस्टार कर रहे हैं. इन छुट्टियों और जनता के मूड का फायदा पूरा उठाने के लिए अक्सर बड़ी फिल्में शुक्रवार की रिलीज का भी नियम तोड़ती हैं. KGF 2 को ही लीजिए, जो गुरुवार को रिलीज हुई थी. इसी साल 'पठान'  बुधवार को आई और 'जवान' गुरुवार को. सलमान की 'टाइगर 3' तो रविवार को रिलीज हुई. सलमान और शाहरुख की कितनी ही फिल्में त्यौहार वाले हफ्ते में बुधवार-गुरुवार को रिलीज हुई हैं. मगर रणबीर की फिल्मों के साथ ऐसा नहीं है. 

Advertisement

रणबीर की पहली सुपरहिट 'ये जवानी है दीवानी' (2013) में मई के महीने में आई थी. इसका ओपनिंग कलेक्शन 19 करोड़ से ज्यादा था और इसे सबसे बड़ी बिना छुट्टी, बिना त्यौहार वाली ओपनिंग में गिना जाता है. 2018 में आई रणबीर की फिल्म 'संजू' उस साल की सबसे बड़ी बॉलीवुड फिल्म थी. इसका ओपनिंग कलेक्शन भी उस साल सबसे ज्यादा था. जून में आई इस फिल्म ने पहले दिन 34 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई की. ये भी बॉलीवुड के सबसे बड़े नॉन-हॉलिडे ओपनिंग कलेक्शन में से एक है. 

'ब्रह्मास्त्र' में रणबीर कपूर (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

पिछले रणबीर की 'ब्रह्मास्त्र' को 36 करोड़ रुपये की ओपनिंग मिली. पहले दिन इतनी ही कमाई करने वाली 'धूम 3' के साथ, 'ब्रह्मास्त्र' सबसे बड़ी नॉन-हॉलिडे ओपनिंग लेकर आई. आलिया भट्ट से शादी के बाद, रणबीर का उनके साथ पहला कोलेबोरेशन भी बड़ी कमाई लेकर आया था. इस बार भी फिल्म की रिलीज किसी त्यौहार या लंबे वीकेंड को देखकर नहीं रखी गई थी. 

1 दिसंबर को आई 'एनिमल' भी बिना किस त्यौहार, या छुट्टी वाले हफ्ते के आई है. ऑलमोस्ट 64 करोड़ के साथ ये बॉलीवुड के लिए सबसे बड़ी नॉन-हॉलिडे ओपनिंग है. रणबीर की ये खासियत उन्हें एक बहुत यूनिक पोजीशन में ले आती है. इससे रणबीर कैलेंडर में किसी एक जगह से नहीं पहचाने जाते. 

Advertisement

बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ के सुपरस्टार्स की फिल्में कैलेंडर में बेस्ट रिलीज डेट्स के लिए होड़ में लगी रहती हैं. अलग-अलग मौकों पर इन सुपरस्टार्स को देखने की आदत जनता को हो चुकी है. ऐसे में रणबीर को एक तगड़ी हिट देने के लिए किसी एक पक्के मौके की जरूरत नहीं है. उनके पास बस एक अच्छी फिल्म होनी चाहिए, फिर वो रिलीज किसी भी तारीख को हो, जनता अपने आप उसे कंधो पर उठाकर बॉक्स ऑफिस की नैया पार करवा देगी. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement