मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल रखा है, लेकिन इन सबके बीच एक्टर राम कपूर ने एक बड़ा फैसला लिया है. एक्टर अगले हफ्ते वापस दुबई जाने की तैयारी कर रहे हैं.
दरअसल, राम कपूर का दुबई के बुर्ज खलीफा में अपना एक घर है, जिसका काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है. हालांकि, वहां के मौजूदा हालात सफर के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं, लेकिन डेडलाइन के दबाव और काम पूरा करने की मजबूरी ने उन्हें यह जोखिम उठाने पर मजबूर कर दिया है. राम कपूर का कहना है कि अब उनके पास घर लौटने और काम निपटाने के अलावा 'कोई और चारा नहीं बचा है.
मेरे पास कोई और चारा नहीं - राम कपूर
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अपने फैसले के बारे में बताते हुए राम कपूर ने माना कि अब और देर करना मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा, 'पिछली बार, हम वहां करीब एक हफ्ते के लिए गए थे. मैंने सोचा था कि मैं मुंबई वापस आकर इंतजार करूंगा कि हालात थोड़े शांत हो जाएं, फिर दोबारा काम शुरू करूंगा. लेकिन अब मेरे पास कोई और चारा नहीं है.'
'मेरा काम अभी भी बाकी है, और ऐसा नहीं लगता कि हालात जल्द ही ठीक होंगे, बल्कि वे और बिगड़ते ही जा रहे हैं. यह सिलसिला महीनों तक, या उससे भी ज्यादा समय तक चल सकता है. अगर ऐसा ही रहा, तो मैं अब और देर नहीं कर सकता. हालात जैसे भी हों, मुझे वहां जाकर अपने तय किए गए टाइमलाइन के हिसाब से काम पूरा करना ही होगा.'
दुबई जाने की जल्दबाजी क्यों?
एक्टर राम कपूर ने बताया कि यह जल्दी इसलिए है क्योंकि बुर्ज खलीफा में उनके घर पर काम चल रहा है, जो अभी रुका हुआ है. उन्होंने कहा, 'बुर्ज खलीफा में मेरे घर पर काम चल रहा है. हमें जरूरी परमिशन मिल गई थीं और काम पूरा करने के लिए एक तय समय-सीमा भी मिली थी, लेकिन अब सब कुछ ठप पड़ गया है. मैं समय-सीमा बढ़ाने की गुजारिश कर सकता हूं, लेकिन हमें नहीं पता कि यह हालात कब तक रहेंगे. इसलिए, हमने सोचा है कि काम जारी रखा जाए और जैसा पहले से तय था, उसी हिसाब से काम पूरा करने की कोशिश की जाए. दुबई में मेरे जितने भी जान-पहचान वाले लोग हैं, वे सब भी अपनी जिंदगी को जितना हो सके, वैसे ही जी रहे हैं. यह कोई बहुत अच्छी स्थिति तो नहीं है, लेकिन मैं घबरा नहीं रहा हूं.'
पिछली बार के ट्रिप के उलट, इस बार राम कपूर अकेले ही सफर करेंगे, जबकि उनकी पत्नी गौतमी यहीं रुकेंगी. उन्होंने कहा, 'मैं अकेला ही जा रहा हूं. यहां कुछ जरूरी काम निपटाने के बाद, मैं मंगलवार को फ़्लाइट से रवाना हो जाऊंगा. मुझे लगता है कि इस बार मैं वहां करीब दो हफ्ते तक रहूंगा.'
राम कपूर ने कहा कि उनके परिवार वाले इस ट्रिप की जरूरत को समझते हैं। उन्होंने बताया, “मेरे बच्चे काफी हद तक मेरी ही तरह हैं. भले ही वे शुरू में घबरा जाते हैं, लेकिन एक बार जब मैं उनसे बात करता हूं, तो वे शांत हो जाते हैं. असल में, वे अपनी मां को ही दिलासा देने लगते हैं. गौतमी को चिंता तो होती है, लेकिन वह समझती है कि यह जरूरी है और मैं इस तय समय-सीमा को छोड़ नहीं सकता.'
दुबई की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा
तनाव के बावजूद, राम कपूर ने शहर के सुरक्षा ढांचे पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, 'दुबई बहुत ही व्यवस्थित है और सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह सक्षम है. यहां तक कि जहां मेरा घर है, वह भी देश की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है; यह बात मैंने गौतमी को भी समझाई है.'