फिल्म एक्टर नागा चैतन्य को दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उन्हें लेकर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैलाई जा रही झूठी कहानियों और भद्दे दावों पर कड़ा रुख अपनाया है. नागा चैतन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने न सिर्फ उनके खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट पोस्ट करने वाली साइटों को नोटिस जारी किया है, बल्कि उनके नाम, तस्वीर और वीडियो के गलत इस्तेमाल पर अंतरिम रोक भी लगा दी है.
दरअसल नागा चैतन्य ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' की सुरक्षा की मांग की थी. उनकी इस याचिका में साफ कहा गया है कि कुछ लोग और वेबसाइट्स अपने फायदे के लिए उनकी तस्वीरों, वीडियो और नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. बिना अनुमति के उनकी पहचान का इस्तेमाल करके, बेबुनियाद बातें इंटरनेट पर परोस रहे हैं.
वकील ने क्या कहा?
कोर्ट में एक्टर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील वैभव गग्गर ने अदालत को बताया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता इंटरनेट पर मौजूद ऐसे कंटेंट को लेकर है, जिसमें एआई (AI) से बनाए गए वीडियो और अन्य सामग्री शामिल हैं. इन कंटेंट्स में कथित तौर पर एक्टर को भ्रामक और आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है.
उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसे वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें एक्टर की निजी जिंदगी और पेशेवर व्यवहार को लेकर झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए गए हैं. इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है और उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है.
जस्टिस ज्योति सिंह ने दिया आदेश
इस पूरे मामले पर 29 मई को दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच के सामने सुनवाई हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उन सभी वेबसाइटों और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है, जिन्होंने समांथा और चैतन्य के रिश्ते को लेकर झूठे आरोप लगाए थे.
हालांकि, अदालत का लिखित और विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन नागा चैतन्य के वकील के मुताबिक, बेंच ने साफ कर दिया है कि वह एक्टर के नाम और चेहरे के गलत इस्तेमाल पर अंतरिम रोक (Stay Order) लगाने के निर्देश जारी कर रही है.