काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. सलमान खान के खिलाफ कहानी का हिस्सा न बनने के लिए फिल्म से दूरी बनाने वाले गोविंद नामदेव के बाद, डायरेक्टर भरत एस. श्रीनाते ने बताया कि सीनियर एक्टर का यह दावा गलत है कि उन्हें फिल्म के बारे में पता नहीं था; असल में, वे फिल्म से पूरी तरह जुड़े हुए थे. इसके अलावा उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सलमान खान कोई भगवान या उनके गॉडफादर नहीं हैं जो उन्हें फिल्म बनाने या उनका करियर बर्बाद करने की ताकत रखते हो.
बता दें कि यह फिल्म साल 1998 के उस चर्चित काले हिरण (ब्लैकबक) शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है, जिसमें सलमान खान का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था. फिल्म के टीजर में एक्टर काशिफ इकबाल खान 'अयान खान' नाम का किरदार निभा रहे हैं. काशिफ का लुक, उनकी कद-काठी और हाव-भाव काफी हद तक सलमान खान से मिलते हैं. हद तो तब हो गई जब टीजर में उन्हें सलमान खान के सिग्नेचर ब्रेसलेट जैसा ही एक ब्रेसलेट पहने हुए दिखाया गया, जिसके बाद से ही इसे सलमान की बायोपिक की तरह देखा जाने लगा.
ब्रेसलेट का करवा लें पेटेंट- भरत
News 18 को दिए इंटरव्यू में जब डायरेक्टर भरत एस. श्रीनाते से इस ब्रेसलेट और सलमान से समानता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने तीखा जवाब दिया. भरत ने कहा, 'यह फिरोजी ब्रेसलेट कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे किसी ने पेटेंट करा रखा हो. अगर सलमान खान को लगता है कि इसे दुनिया में सिर्फ वही पहन सकते हैं, तो उन्हें इसका पेटेंट करवा लेना चाहिए ताकि यह कहीं और न मिले. मैं इस बात को सिरे से खारिज करता हूं कि हमारी फिल्म का किरदार सलमान खान पर आधारित है. यह सिर्फ एक सिनेमाई कहानी है, सलमान की जिंदगी नहीं.'
फिल्म के मुख्य एक्टर काशिफ और सलमान खान के बीच दिखने वाली गजब की समानता पर डायरेक्टर ने अपनी बात रखी. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने जब फिल्म 'ठाकरे' में बालासाहेब ठाकरे का रोल किया था, तो उन्हें भारी-भरकम प्रोस्थेटिक्स और मेकअप के जरिए वैसा रूप दिया गया था. लेकिन हमारी फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है. हमारा एक्टर ही सलमान खान जैसा दिखता है. अब मैं उसका चेहरा तो बदल नहीं सकता और न ही उसे जबरदस्ती कुछ और दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक्स लगा सकता हूं. अगर किसी को उसके असली चेहरे से ही दिक्कत है, तो इसमें मैं क्या करूं?'
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे सलमान
इस फिल्म को अपने अक्स को खराब करने की कोशिश मानते हुए सलमान खान ने कानूनी रास्ता चुना है. सलमान ने अपने वकीलों के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 'काला हिरण' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. इस पर डायरेक्टर भरत श्रीनाते का कहना है कि वे फिल्म को लेकर होने वाली किसी भी रचनात्मक आलोचना या चर्चा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अचानक मिले इस कानूनी नोटिस ने उन्हें दुखी किया है.
उन्होंने कहा, 'सलमान खान भगवान नहीं हैं. वह मेरे गॉडफ़ादर नहीं हैं. वह मुझे रोक नहीं सकते. न तो वह मुझे और मेरे करियर को बर्बाद कर सकते हैं और न ही मुझे और मेरे करियर को बना सकते हैं. मैं हमेशा अच्छी चर्चाओं का स्वागत करता हूं. हर किसी का अपना नजरिया होता है. सिनेमा का मकसद बातचीत शुरू करना होता है.'
सलमान खान से की गुजारिश
विवाद को बढ़ता देख डायरेक्टर ने आखिर में सुपरस्टार सलमान खान से एक गुजारिश भी की है. फिल्म के पोस्टर्स और टीजर में साफ तौर पर अपनी तरफ इशारा देख भड़के सलमान से भरत ने कहा है कि वे किसी भी नतीजे पर पहुंचने या कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने से पहले एक बार 'काला हिरण' फिल्म को खुद देख लें. भरत ने कहा, 'बिना देखे एक झटके में कानूनी नोटिस भेज देना सालों की मेहनत को रोकने जैसा है. उन्हें सिर्फ इसलिए आपत्ति है क्योंकि उन्हें लगता है कि यह फिल्म उनके बारे में है. मेरी उनसे अपील है कि वे पहले फिल्म देखें और फिर तय करें कि क्या सही है और क्या गलत.'