1990 के दशक में एक्टर गोविंदा और डायरेक्टर डेविड धवन की जोड़ी ऐसी थी, जिनसे उनके साथी जलते थे. इस एक्टर-डायरेक्टर की जोड़ी ने उस दौर की कुछ बेहतरीन कॉमेडी फिल्में बनाईं. दोनों का प्रोफेशनल रिश्ता भी बहुत अच्छा था. लेकिन बाद में सब कुछ बिगड़ गया. एक नए इंटरव्यू में गोविंदा ने उस दौर के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि डेविड हमेशा अपने काम के प्रति बहुत ईमानदार थे, लेकिन उन्होंने हिंट भी दिया कि वे एक्टर के प्रति वफादार नहीं थे, जिसने शायद उनके बीच अंतिम दरार पैदा की. उन्होंने यह भी कहा कि डेविड शायद अपने बेटे वरुण धवन के साथ अपनी सफलता को दोहराने की कोशिश कर सकते हैं.
क्यों डेविड धवन से दूर हुए थे गोविंदा?
सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक बातचीत में गोविंदा ने कहा कि डेविड की सबसे बड़ी खूबी हमेशा उनकी ईमानदारी रही है. एक्टर बोले, 'वो ईमानदार हैं. फिल्म इंडस्ट्री में ईमानदारी की अलग जगह है. लेकिन अगर आपकी वफादारी किसी और के साथ है तो आपकी ईमानदारी संघर्ष करेगी.' उन्होंने आगे जोड़ा कि इसके बावजूद दोनों ने कुछ बेहतरीन फिल्में बनाईं जिनमें 'प्राकृतिक अहसास' था.
गोविंदा ने कहा, 'वो समझते थे. उन्होंने कभी मुझे नहीं कहा कि मैं अच्छा नहीं लग रहा हूं या शायद हम बेहतर कर सकते हैं, इसलिए मुझे कभी नहीं लगा कि मैं किसी निर्देशक के साथ काम कर रहा हूं. मुझे कभी नहीं लगा कि वो कोई अजनबी हैं. लेकिन मुझे लगा कि दूसरे लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, उनकी ईमानदारी की वजह से वो बहुत सच्चे थे.'
गोविंदा ने कहा कि साथ चलने और क्लिक न करने में फर्क है, और जैसे ही उन्हें लगा कि चीजें नियंत्रण से बाहर हो रही हैं, वे अपनी साझेदारी से बाहर निकलना चाहते थे. उन्होंने बताया, 'ऐसा लगा कि ये मामला खतरनाक हो गया है, अब इससे हम बाहर निकलें.' उन्होंने कहा कि इसके बाद भी उन दोनों में बात हुई. गोविंदा ने बताया कि 2000 के शुरुआती सालों में राजनीतिक करियर शुरू करने के बाद वे कुछ सालों के लिए फिल्मों से दूर रहे, लेकिन जैसे ही वे वापस लौटे, डेविड को ही सबसे पहले फोन किया. वे मिले और पार्टनर पर चर्चा की, जहां गोविंदा ने सुझाव दिया कि लीड रोल में सलमान खान को कास्ट करना चाहिए. फिल्म हिट रही और लंबे विवाद के बाद डेविड और गोविंदा की फिर से मुलाकात हुई.
वरुण धवन के साथ नहीं चलेगा जादू?
तब से दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया. गोविंदा ने कहा कि डेविड धवन शायद अपने बेटे वरुण धवन के साथ वही जादू दोहराने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि शायद ही वो अपने बेटे के साथ इतनी फिल्में कर पाएंगे या ऐसी फिल्में कर पाएंगे. ये मुश्किल है.'
गोविंदा और डेविड की जोड़ी ने 'हीरो नंबर 1', 'हसीना मान जायेगी', 'राजा बाबू', 'साजन चले ससुराल', 'आंखें', 'कुली नंबर 1', 'क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता' जैसी कई फिल्में बनाईं. डेविड ने 'कुली नंबर 1' का रीमेक बेटे वरुण धवन के साथ किया था, जो फ्लॉप रहा. डेविड अब वरुण के साथ मिलकर फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' बना रहे हैं. इसमें मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े भी होंगी.