धुरंधर: द रिवेंज में जबसे 'बड़े साहब' को बिस्तर पर लेटे अपनी आखिरी सांसे गिनते दिखाया गया है- एक बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. क्योंकि फिल्म का ये किरदार सीधे-सीधे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बात करता है. ऐसे में लोगों के जहन में सवाल तेजी घूम रहा है कि क्या सच में दाऊद जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर हैं?
लेकिन ऑथर-जर्नलिस्ट शीला रावल ने इन तमाम दावों पर सवाल खड़े करते हुए एक अलग ही तस्वीर पेश की है. उन्होंने न सिर्फ दाऊद से अपनी आखिरी मुलाकात को याद किया, बल्कि उनकी मौजूदा हालत को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है.
2005 में हुई थी आखिरी मुलाकात
हालांकि फिल्म ये दावा नहीं करती कि दाऊद अपने आखिरी पलों में है, लेकिन सीन्स, बात कहने का तरीका यही जताने की कोशिश करता है कि सच वही है. शीला ने बताया कि 22 जुलाई 2005 को उनकी दाऊद इब्राहिम से आखिरी बार मुलाकात हुई थी. ये मुलाकात दुबई के हयात होटल में दाऊद की बेटी माहरूह के वलिमा के दौरान हुई थी.
न्यूज पिंच से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह उस फंक्शन में अंदर जाने का मौका मिला, जहां उन्होंने दाऊद और उनके परिवार को सामने से देखा. उनके मुताबिक, दाऊद उस वक्त बिल्कुल वैसे ही दिख रहे थे जैसे उनकी तस्वीरों में नजर आते हैं. हालांकि उम्र के चलते उनके सिर के बाल थोड़े कम हो गए थे.
‘धुरंधर’ में दिखाई हालत पर क्या बोलीं?
फिल्म ‘धुरंधर’ में दाऊद जैसे किरदार की हालत को लेकर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक दाऊद मरणासन्न हालत में नहीं हैं.
उनका कहना था- अगर 2005 से अब तक उन्होंने अपना हुलिया ज्यादा नहीं बदला, तो 2026 में भी वो लगभग वैसे ही होंगे. उन्होंने ये भी बताया कि दाऊद अब करीब 70 साल के हो चुके हैं और उम्र के चलते बाहर कम निकलते हैं. लेकिन इसकी वजह बीमारी नहीं, बल्कि एजेंसियों से बचना है.
“दाऊद जिंदा हैं और ठीक हैं”
शीला के मुताबिक, कुछ महीनों पहले ही उनकी किसी सूत्र से बातचीत हुई थी, जिसमें बताया गया कि दाऊद अभी जिंदा हैं और ठीक हैं. हालांकि उन्होंने ये भी माना कि इस उम्र में सामान्य बीमारियां हो सकती हैं, लेकिन वो बिस्तर पर पड़े हैं या जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर हैं- ऐसी कोई पुष्टि उनके पास नहीं है.
‘धुरंधर’ फिल्म को लेकर उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ एक फिल्म के तौर पर देखना चाहिए. उनके मुताबिक, ये एक क्रिएटिव कंटेंट है, जिसमें एक खास मैसेज देने की कोशिश की गई है. स्पाई फिल्मों का ट्रेंड आगे और बढ़ेगा, बस अब फर्क इतना है कि ऐसे कंटेंट को सिस्टम का सपोर्ट भी मिलने लगा है.