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सपा-कांग्रेस में गठबंधन को लेकर आखिरी कोशिश, लखनऊ-दिल्ली में बैठक जारी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जब तक सपा का नाम और साइकिल चुनाव चिन्ह नहीं मिला था, तब तक अखिलेश ने कांग्रेस को 142 सीटें दे रखी थीं.

अखिलेश यादव अखिलेश यादव

सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन के लिए आखिरी कोशिश जारी है. शनिवार को अखिलेश और प्रशांत किशोर के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद दिल्ली में कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसके बाद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि रविवार सुबह गठबंधन पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा. इस बीच शनिवार देर रात अखिलेश यादव ने एक बार फिर बातचीत के लिए प्रशांत किशोर को बुलाया है, दोनों के बीच बातचीत जारी है. वहीं दिल्ली में प्रियंका गांधी और सपा नेता राम गोपाल यादव के बीच बैठक चल रही है. कांग्रेस ने आखिरी में अखिलेश के सामने 103 सीटों का प्रस्ताव रखा है.

दरअसल कुछ महीने पहले सियासत में नौसिखिया समझे जा रहे यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहले तो अपनी रणनीति के बल पर अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव जैसे सियासी धुरंधरों को पटखनी देते हुए पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह पर कब्जा कर लिया. अब वे मुश्किल वक्त में अपने साथ खड़ी रही कांग्रेस को भी घुटनों के बल लाने पर अड़ गए हैं. कांग्रेस आलाकमान अखिलेश के इस बदले हुए रुख से हैरान है. सोनिया गांधी इसे लेकर नाराज भी बताई जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक गठबंधन की संभावना अब खत्म हो गई है और कांग्रेस ने 140 सीटों अपने प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जब तक सपा का नाम और साइकिल चुनाव चिन्ह नहीं मिला था, तब तक अखिलेश ने कांग्रेस को 142 सीटें दे रखी थीं. अखिलेश ने ये बात लिखकर कांग्रेस को दी थी लेकिन समाजवादी पार्टी और साइकिल मिलने के बाद अखिलेश ने मजबूरी बताते हुए 121 सीटें ऑफर कीं.

इसके बाद जब 121 पर कांग्रेस ने हां की, तो वो 100 पर अटक गए. उनका कहना है कि, नेताजी की 38 लोगों की सूची को एडजस्ट करना है. बताया जाता है कि कांग्रेस 110 सीटों पर भी मान गई थी, लेकिन तब अखिलेश ने कहा कि, कुछ पुराने और आज़म खान सरीखे नेताओं की सीटों की मांग आ गई है, मेरी पार्टी के कई लोग पार्टी छोड़ रहे हैं. इसलिए मैं 100 से ज़्यादा नहीं दे पा रहा.

कांग्रेस आलाकमान अखिलेश के इस बदलते रुख से नाराज और हैरान है. पार्टी का कहना है कि या तो सपा 110 सीटें देने पर राजी हो वर्ना गठबंधन नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक गठबंधन की संभावना अब खत्म हो गई है और कांग्रेस ने 140 सीटों अपने प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है. शाम को कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक के बाद बाहर निकले गुलाम नबी आजाद ने गठबंधन के बारे में तो कुछ नहीं कहा लेकिन ये जरूर बताया कि बैठक में पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया.

अखिलेश के बदलते रवैये से अब कांग्रेस अपनी साख को और गिराना नहीं चाहती है. लेकिन वह यह भी जानती है कि इस वक्त 403 सीटों पर लड़ना उसके लिए पहाड़ चढ़ने जैसा है. बहरहाल, अब प्लान बी के तहत कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी 403 सीटों पर उम्मीदवार तय कर रही है. चर्चा यह भी है कि अखिलेश से बातचीत की कमान अब खुद प्रियंका संभाल रही हैं.

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