पीएम नरेंद्र मोदी ने हरदोई में एक चुनावी रैली के दौरान समाजवादी पार्टी पर अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर हमला कर डाला. उन्होंने सपा के चुनाव चिन्ह साइकिल को आतंकवाद से जोड़ दिया. पीएम ने कहा कि इनका जो चुनाव चिन्ह साइकिल है उस पर अहमदाबाद में बम रखे गए थे, तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था.
अब पीएम मोदी के इस बयान पर जबरदस्त बवाल देखने को मिल रहा है. एक तरफ बीजेपी इस हमले के अधार पर अपने वार और ज्यादा तेज कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है. अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी पीएम मोदी के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट कर अपने चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर विस्तार से बताया है.
वे लिखते हैं कि सामाजिक बंधनों को तोड़ बिटिया को स्कूल छोड़ती है, हमारी साइकिल, महंगाई का उसपर असर नहीं, वो सरपट दौड़ती है, हमारी साइकिल, साइकिल आम जनों का विमान है, ग्रामीण भारत का अभिमान है, साइकिल का अपमान पूरे देश का अपमान है.
खेत और किसान को जोड़ कर उसकी समृद्धि की नींव रखती है, हमारी साइकल,
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
सामाजिक बंधनों को तोड़ बिटिया को स्कूल छोड़ती है, हमारी साइकल
महंगाई का उसपर असर नहीं, वो सरपट दौड़ती है, हमारी साइकल,
साइकल आम जनों का विमान है, ग्रामीण भारत का अभिमान है, साइकल का अपमान पूरे देश का अपमान है।
अब पीएम मोदी के बयान की बात करें तो वे आतंकवाद को लेकर सपा को घेर रहे थे. उनके निशाने पर कांग्रेस भी थी. पीएम की माने तो इन पार्टियों ने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है. इन सभी ने आतंकियों पर लगाए गए मुकदमों को वापस लेने का काम किया है.
पीएम ने कहा था कि 2007 में लखनऊ, अयोध्या के कोर्ट परिसर में बम धमाके हुए थे. 2013 में समाजवादी सरकार ने तारिक काजमी नाम के आतंकी से मुकदमा वापस ले लिया था. लेकिन इस मामले में भी अदालत ने समाजवादी सरकार की साजिश नहीं चलने दी और उस आतंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
पीएम ने आगे कहा कि ऐसे ही यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था. ये लोग विस्फोट कर रहे थे, धमाके कर रहे थे और समाजवादी पार्टी सरकार इन आतंकवादियों पर मुकदमा तक नहीं चलने दे रही थी.