
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) के पहले चरण के प्रचार का मंगलवार को आखिरी दिन है. अब मतदान की तैयारी है. 10 फरवरी को पश्चिमी यूपी से मतदान की शुरुआत हो रही है. लिहाजा, सभी दलों ने अपनी ताकत लगा रखी है.
सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी (Charu Chaudhary) भी प्रचार मोड में नजर आईं. प्रचार के आखिरी दिन वो जनता के बीच वोट की अपील करती दिखीं.
मोदीनगर में चारू चौधरी ने की रैली
मंगलवार को चारू चौधरी गाजियाबाद के मोदीनगर में चुनाव प्रचार (UP election rally) करती दिखीं. यहां उन्होंने आरएलडी प्रत्याशी सुदेश शर्मा के लिए वोट की अपील की.
इस दौरान चारू चौधरी ने कहा कि मैं परिवार संभाल रही हूं, जयंत जी पार्टी संभाल रहे हैं, मुझे उम्मीद है आप उनकी विरासत संभालेंगे.

चारू ने अपने भाषण में कहा, ''आपने भारी मत से भाजपा को जितवाया लेकिन क्या आपके दुःख के समय में इनमें से कोई आगे आया? सबने गंगा में तैरती लाशों को देखा था. अंत में काम अपने लोग ही आते हैं, अंत में काम राष्ट्रीय लोकदल ही आई, अंत में काम आपके जयंत चौधरी ही आए.''
चारू चौधरी ने जनता से कहा कि मैं आपके माध्यम से पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश को संदेश देना चाहती हूं, अब फैसला आपको लेना है. आपने जयंत चौधरी के जोश, साहस और कर्मठता का अनुभव किया है. अब वक्त आ गया है हम सब मिलकर इस हवा को सुधारें, इस मिजाज को बदलें.
चौधरी जयन्त जी आपके लिए हमेशा संघर्ष करते रहे, आप भी उन पर अपना विश्वास बनाएं रखें।
— Rashtriya Lok Dal (@RLDparty)
बता दें कि चारू चौधरी सक्रिय राजनीति में नहीं हैं. वो कम ही चुनावी मंचों या सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देती हैं. जब जयंत चुनाव लड़ते हैं तो उनके लिए प्रचार करती हैं. 2012 में जब मथुरा में जयंत ने विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब चारू प्रचार करती नजर आई थीं.
मोदीनगर की जनता का श्रीमती चारू चौधरी जी की सभा में पहुँच कर अपना अपार समर्थन एवं आशीर्वाद देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
— Rashtriya Lok Dal (@RLDparty)
जयंत का अपनी पत्नी के बारे में कहना है कि वो खुद संगठन की राजनीति में नहीं आना चाहती हैं. चारू ने भी रैली में ये बात कही कि मैं घर संभाल रही हूं, जयंत जी पार्टी संभाल रहे हैं, आप विरासत संभालिए. बता दें कि आरएलडी मौजूदा यूपी चुनाव पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह की विरासत के नाम पर लड़ रही है और किसानों की आवाज उठाते हुए बीजेपी को घेर रही है. साथ ही आरएलडी इस चुनाव को भाईचारा बनाम भारतीय जनता पार्टी का बताकर जनता से एकजुट होकर वोट की अपील कर रही है.