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सिरसा से गोपाल कांडा की हार, कभी हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक ऊंची थी उड़ान

हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी का डंका बजा है. कांग्रेस, आईएनएलडी, हजकां समेत कई दलों के दिग्गजों को धूल फांकनी पड़ी है. इसमें एक नाम हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख गोपाल कांडा का भी है. कांडा INLD उम्मीदवार के हाथों सिरसा विधानसभा सीट गवां चुके हैं.

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गोपाल कांडा की फाइल फोटो
गोपाल कांडा की फाइल फोटो

हरियाणा विधानसभा चुनाव में बजा है. कांग्रेस, आईएनएलडी, हजकां समेत कई दलों के दिग्गजों को धूल फांकनी पड़ी है. इसमें एक नाम हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख गोपाल कांडा का भी है. कांडा INLD उम्मीदवार के हाथों सिरसा विधानसभा सीट गंवा चुके हैं.

रविवार को विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू हुई तो यकीनन कुछ समय के लिए गोपाल कांडा आगे रहे, लेकिन फिर INLD उम्मीदवार माखन लाल सिंह ने 2983 वोट के अंतर से कांडा को पटखनी दे दी. प्रदेश के चुनावी समर में इस बार बड़ा उलटफेर हुआ है और इन सब के पीछे प्रधानमंत्री 'नरेंद्र मोदी की हवा' को प्रमुख बताया जा रहा है.

दरअसल, 1952 में जनसंघ के टिकट पर सिरसा से विधानसभा चुनाव हारने वाले कट्टर संघी मुरलीधर कांडा का सबसे बड़ा बेटा यह शुरू से जानता था कि सियासत के गलियारों में किन चीजों की तूती बोलती है. हुस्न की सीढ़ी पर सियासी सफर तय करने वाले गोपाल कांडा ने 'हवाई चप्पल की दुकान से हवाई जहाज उड़ाने तक' की कहानी को पूरा किया. साल 2007 में एयरहोस्टेस के साथ दरिंगदगी की दास्तान से कांडा में सुर्ख‍ियों में आए तो यहीं से नीचे भी उतरने लगा.

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