प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UAE से लौटते ही बिहार में बड़ा चुनावी कार्ड खेल दिया. मोदी ने मंगलवार को बिहार में दो चुनावी रैलियां कीं. उन्होंने सहरसा और आरा में चुनावी रैली को संबोधित किया. मोदी ने आरा में बिहार को कुल 1.65 लाख करोड़ रुपये देने की घोषणा की.
मोदी ने कहा कि गडकरी ने महाराष्ट्र में फ्लाईओवरमैन की पहचान बनाई थी. अब वह बिहार के कोने-कोने को देश के कोने-कोने से जोड़ेंगे. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इस दौरान मोदी के साथ मौजूद रहे. गडकरी ने कहा कि मैं बिहार की इस धरती पर जो भी कहूंगा, वो हर बात पूरी होगी.
मोदी ने दलित वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त के अपने भाषण की बात भी दोहराई. उन्होंने स्टार्ट अप इंडिया का मतलब समझाते हुए कहा कि हर बैंक कम से कम एक दलित को उद्योग लगाने के लिए लोन दे.
मोदी ने भोजपुरी में भाषण शुरू किया. बोले- 'सब लोगन को प्रणाम.' मोदी 2200 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने आरा आए थे.
मोदी के साथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद और राजीव प्रताप रूडी भी मौजूद थे.
मोदी ने बिहार के लिए विशेष पैकेज का ऐलान भी किया.
मोदी के दौरे से बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जोश सातवें आसमान पर था.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर को बीजेपी के झंडों से पाट दिया. सड़कों पर भी कार्यकर्ता ही नजर आ रहे थे.
मोदी की लोकप्रियता का आलम देखकर बिहार बीजेपी ने जरूर राहत की सांस ली होगी.
मोदी की दोनों रैलियों में काफी भीड़ उमड़ी, यह देख नीतीश कुमार की पेशानी पर भी बल पड़े होंगे.
बिहार चुनाव इस बार मोदी बनाम नीतीश के तौर पर देखा जा रहा है.
मोदी के समर्थन में आरा और सहरसा में जनसैलाब सड़कों पर उतर पड़ा.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही मोदी के कट्टर विरोधी माने जाते हों लेकिन औपचारिकता निभाने में उन्होंने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी.
नीतीश और मोदी मुलाकात के दौरान काफी खुशमिजाज मूड में नजर आए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर विरोधी माने जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया.