राहुल गांधी के आम आदमी पार्टी से गठबंधन को लेकर ट्वीट के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने घर पर मंगलवार सुबह बैठक की. इस बैठक में आम आदमी पार्टी के बड़े नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और गोपाल राय भी शामिल हुए. करीब 2 घंटे चली बैठक में गठबंधन को लेकर मंथन हुआ. इस दौरान पार्टी ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह को कांग्रेस से बातचीत के लिए नियुक्त किया है. बैठक के बाद आज तक से संजय सिंह ने खास बातचीत की. संजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने ट्वीट करके गठबंधन की मंशा जाहिर की है, लेकिन ट्विटर पर गठबंधन की बातें नहीं होती हैं.
इससे पहले अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक में शामिल मनीष सिसोदिया ट्वीट के ज़रिए सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से बातचीत के लिए एक नेता नियुक्त करने की बात करते नज़र आए. सिसोदिया ने ट्वीट में लिखा कि 'आप' ने कांग्रेस से बात करने के लिए संजय सिंह को अधिकृत किया है. राहुल जी भी कांग्रेस की तरफ़ से एक ऐसे व्यक्ति को अधिकृत करें जो आम आदमी पार्टी के साथ बैठकर सभी 18 (दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़) सीटों पर भाजपा को हराने की रणनीति बना सके''आप' ने कांग्रेस से बात करने के लिए संजय सिंह को अधिकृत किया है. राहुल जी भी कांग्रेस की तरफ़ से एक ऐसे व्यक्ति को अधिकृत करें जो “आप” के साथ बैठकर सभी 18 (दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़) सीटों पर भाजपा को हराने की रणनीति बना सके।
— Manish Sisodia (@msisodia)
इधर, बैठक में शामिल आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक गोपाल राय अब भी कांग्रेस पर हमला करते नज़र आ रहे हैं. बैठक ख़त्म होंने के बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा 'हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ मिलाकर 18 सीटें हैं. कांग्रेस कह रही है कि इनमें 3 सीटें कांग्रेस को जीतने दो, 4 सीट आम आदमी पार्टी जीत ले और 11 सीटें भाजपा को जीतने दें. हम भाजपा को एक भी सीट नहीं देना चाहते. यहां आकर बात अटक गयी है. आखिर कांग्रेस भाजपा को 11 सीटों पर क्यों जिताना चाहती हैं?'
क्या आम आदमी पार्टी दिल्ली में गठबंधन के लिए सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार हैं? इसके जवाब में संजय सिंह ने कहा कि बिल्कुल सकारात्मक बातचीत हो सकती है, इसमें कोई रोक नहीं है. राहुल गांधी ने अपनी तरफ से ट्वीट कर मंशा ज़ाहिर की है. राहुल गांधी को समझना चाहिए की गठबंधन की बातें ट्विटर पर नहीं होती हैं. आज अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक में कुछ बातें तय हुई हैं. अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी देश के संविधान और इस देश के गंगा-जमुना तहज़ीब के लिए खतरा बन गए हैं. ऐसे में इस जोड़ी को रोकने के लिए सब कुछ करेंगे. कांग्रेस को बताना है कि उनकी ओर से कौन बातचीत करेगा.हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ मिलाकर 18 सीटें हैं। कांग्रेस कह रही है कि इनमें 3 सीटें कांग्रेस को जीतने दो, 4 सीट “आप” जीत ले और 11 सीटें भाजपा को जीतने दें। हम भाजपा को एक भी सीट नहीं देना चाहते। यहाँ आकर बात अटक गयी है
आखिर कांग्रेस भाजपा को 11 सीटों पर क्यों जिताना चाहती हैं?
— Gopal Rai (@AapKaGopalRai)
आगे संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मुझे कांग्रेस से बातचीत करने के लिए आधिकारिक तौर पर नियुक्त किया है. अब कांग्रेस को तय करना है कि कौन उनकी तरफ से गठबंधन पर बातचीत करेगा. इसके अलावा संजय सिंह से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को कोई प्रस्ताव आम आदमी पार्टी ने भेजा है? उन्होंने जवाब में कहा कि कल कांग्रेस की तरफ से बातचीत का प्रस्ताव था, अब उनको तय करना है.
आम आदमी पार्टी बातचीत के लिए तैयार है
संजय सिंह ने आगे कहा कि बीजेपी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, लेकिन बीजेपी तभी रुकेगी जब उसकी लोकसभा सीट के नंबर कम किए जाएं. आम आदमी पार्टी, जेजेपी और कांग्रेस का गठबंधन हरियाणा से लेकर दिल्ली में होता है तो साफ संदेश जाएगा कि नरेंद्र मोदी सत्ता में नही आएंगे. इसलिए हम कांग्रेस से बातचीत के लिए तैयार हैं. संजय सिंह से जब पूछा गया कि आम आदमी पार्टी के हरियाणा में सीट मांगने से गठबंधन का मामला बिगड़ तो नहीं जाएगा? इस पर संजय सिंह ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि कैसे अटक जाएगा, कैसे बिगड़ जाएगा. इतनी बात राहुल गांधी को समझ नहीं आती है कि हरियाणा में भी बीजेपी को रोका जा सकता है.
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