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सहारनपुर लोकसभा सीट पर मतदान संपन्न, 70.68% वोटिंग

पहले चरण में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर लोकसभा सीट पर वोटिंग हुई. यहां 70.68 मतदान हुए. वोटिंग संपन्न होते ही यहां 11 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई. चुनाव प्रचार के दौरान इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी ने यहां से मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर दांव लगाया है. वहीं सपा-बसपा गठबंधन ने सहारनपुर क्षेत्र से हाजी फजलुर्रहमान को मौका दिया है.

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सहारनपुर सीट पर करीब 42 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं
सहारनपुर सीट पर करीब 42 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं

पहले चरण में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर लोकसभा सीट पर वोटिंग हुई. यहां शाम 6 बजे तक 70.68% मतदान हुए. वोटिंग संपन्न होते ही यहां 11 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई. मतगणना 23 मई को होगी. चुनाव प्रचार के दौरान इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी ने यहां से मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर दांव लगाया है. वहीं सपा-बसपा गठबंधन ने सहारनपुर क्षेत्र से हाजी फजलुर्रहमान को मौका दिया है.

UPDATES...

- सहारनपुर में 6 बजे तक लगभग 70.68% मतदान.

- सहारनपुर में शाम 5 बजे तक 63.76 मतदान दर्ज.

- सहारनपुर में 3 बजे तक लगभग 54.18% मतदान.

- चुनाव आयोग के मुताबिक सहारनपुर में 11 बजे तक 25.60 फीसदी मतदान .

- सहारनपुर में सुबह 9 बजे तक 8 फीसदी मतदान .

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-सहारनपुर में सुबह 7 बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी लाइन.

लेकिन कांग्रेस ने एक फिर इमरान मसूद को यहां से उतारकर मुकाबला रोचक बना दिया. क्योंकि पुराने राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले इमरान मसूद को 2014 में मोदी लहर के बाजवूद 34 फीसदी वोट मिले थे, जबकि बीजेपी से जीतने वाले राघव लखनपाल को 39 फीसदी मत प्राप्त हुए थे और बसपा महज 19 फीसदी वोट पर सिमट गई थी.

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सहारनपुर में मुस्लिम वोटर्स निर्णायक

2014 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट पर 73.84 फीसदी वोटिंग हुई थी, जबकि 2009 में यहां पर 63.25 फीसद मतदान हुआ था. इस सीट पर 1,07,758 नए वोटर्स हैं. सहारनपुर में हिन्दू आबादी (SC/ST को छोड़कर) 34.87 फीसद है. जबकि 41.95 फीसदी मुस्लिम हैं. यहां अनुसूचित जाति के लोग करीब 22.1 फीसद हैं.

सहारनपुर सीट पर करीब 42 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं, मुस्लिम वोट बंटने से सीधा फायदा बीजेपी उम्मीदवार राघव लखनपाल को मिल सकता है. लखनपाल ने 2014 में इमरान मसूद को 65 हजार वोटों से शिकस्त दी थी.

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कांग्रेस का इमरान मसूद पर दांव 

दरअसल सहारनपुर से बसपा-सपा गठबंधन और कांग्रेस ने मुस्लिम उम्मीदवार पर दांव लगाया है. गठबंधन के उम्मीदवार हाजी फजलुर्रहमान की साफ छवि कांग्रेसी उम्मीदवार इमरान मसूद पर भारी पड़ सकती है. इमरान मसूद के विवादित बयान के लिए जाने जाते हैं. मसूद ने 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर बयान दिया था.

गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सहारनपुर लोकसभा सीट नतीजों, राजनीतिक समीकरण और जातीय समीकरण के हिसाब से काफी मायने रखती है. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में ये सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थी. बीजेपी के राघव लखनपाल ने इमरान मसूद को 65000 से ज्यादा वोटों से हराया था. सहारनपुर में करीब साढ़े 6 लाख मुस्लिम, 5 लाख दलित और 1 लाख जाट मतदाता हैं.

सहारनपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. जिनमें बेहट, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद और रामपुरमनिहारन शामिल हैं. इन पांच सीटों में से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी, दो कांग्रेस और एक समाजवादी पार्टी के खाते में आई थी.

सहारनपुर सीट का समीकरण

सहारनपुर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी लोकसभा सीटों में से एक है. यहां कुल 16,08,833 वोटर हैं. इनमें 8,73,318 पुरुष, 7,35,515 महिला वोटर हैं. 2014 में इस सीट पर कुल 74.2 फीसदी वोट डले थे. इस सीट पर 6267 वोट NOTA को दिए गए थे. सहारनपुर में कुल 56.74 फीसदी हिंदू, 41.95 फीसदी मुस्लिम जनसंख्या है. (2011 के जनगणना के अनुसार)

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सहारनपुर सीट का इतिहास

सहारनपुर सीट पर सबसे पहला चुनाव 1952 में हुआ था, तब से लेकर 1977 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा था. 1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव से लेकर 1996 में तक इस सीट पर जनता दल या जनता पार्टी का कब्जा रहा. हालांकि बीच में 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की थी. 1996 के बाद ये सीट दो बार भारतीय जनता पार्टी, दो बार बहुजन समाज पार्टी, एक बार समाजवादी पार्टी और फिर 2014 में भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई.

राघव लखनपाल के बारे में

युवा सांसदों में से एक गिने जाने वाले राघव लखनपाल अपने पिता निर्भयपाल शर्मा की हत्या होने के बाद राजनीति में आए. लगातार तीन बार विधायक चुने जाने के बाद 2014 में वह लोकसभा का चुनाव लड़े और सांसद चुने गए. 2017 में सहारनपुर में हुई हिंसा के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था, उनपर हिंसा को भड़काने का आरोप था. 2014 के आंकड़ों के अनुसार, राघव लखनपाल के पास कुल 3 करोड़ 54 लाख रुपये की संपत्ति है. इसमें 3 करोड़ की अचल और 54 लाख चल संपत्ति शामिल है.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

राघव लखनपाल ने 16वीं लोकसभा में कुल 59 बहस में हिस्सा लिया, कुल 346 सवाल किए. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोकसभा में कुल 2 बिल पेश किए. राघव लखनपाल लोकसभा में कई कमेटियों का हिस्सा रह चुके हैं. इनमें 2014 के दौरान विदेशी मामलों की स्टैंडिंग कमेटी, शहरी विकास मामले की कमेटी में शामिल रहे. सांसद निधि के तहत मिलने वाले 25 करोड़ रुपये के फंड में से उन्होंने कुल 98.53 फीसदी रकम खर्च की.

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