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गुजरात चुनाव: आदिवासी वोटरों के बाद अब पाटीदारों पर अरविंद केजरीवाल की नजर, राजकोट में आज रैली

आम आदमी पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए सक्रिय हो गई है. आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल दस दिनों में दूसरी बार गुजरात दौरे पर हैं. एक मई को केजरीवाल आदिवासी समुदाय के बीच थे तो अब सौराष्ट्र में पाटीदार समुदाय को साधने के लिए उतर रहे हैं. राजकोट में केजरीवाल जनसभा को संबोधित करेंगे.

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AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछले 10 दिनों में केजरीवाल दूसरी बार गुजरात दौर पर
  • सौराष्ट्र में पाटीदार वोटरों को साधने का मिशन

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने सियासी समीकरण सेट करने में जुटे हैं. सूबे में पहली बार आम आदमी पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयार में लगी हुई है. गुजरात के आदिवासी समुदाय के बाद अब सौराष्ट्र के पाटीदारों को साधने के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल उतर रहे हैं. बुधवार को एक दिन के दौरे पर पहुंचे केजरीवाल राजकोट में जनसभा को संबोधित करेंगे. 

गुजरात में आम आदमी पार्टी अब पुरी तरह चुनावी मोड में उतर आई है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले एक महीने में तीन बार गुजरात का दौरा कर चुके हैं जबकि दस दिनों में उनका यह दूसरा दौरा है. केजरीवाल पाटीदार बेल्ट सौराष्ट्र के राजकोट दौर पर हैं और शास्त्री मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. केजरीवाल के इस दौरे को सौराष्ट्र में पाटीदारों को आकर्षित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.

सौराष्ट्र का चुनावी समीकरण

बता दें कि गुजरात की कुल 182 सीटों में से 54 सीटें सौराष्ट्र के इलाके की हैं. सौराष्ट्र की इन 54 सीटों पर 2017 के चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस से जबरदस्त टक्कर मिली थी. पाटीदार आंदोलन की वजह से कांग्रेस ने सौराष्ट्र में 55 फीसदी सीटें जीती थीं जबकि बीजेपी ने 33 फीसदी सीटें जीती थीं. इस तरह 54 में से 30 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी जबकि बीजेपी को 23 सीट मिली थी. 

सौराष्ट्र के इलाके में आम आदमी पार्टी इस बार मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है. स्थानीय चुनाव में दक्षिण गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव में पाटीदार बहुल इलाके में आम आदमी पार्टी को सफलता मिली उसे लेकर सौराष्ट्र में उसकी उम्मीदें बढ़ गई हैं. सौराष्ट्र का पाटीदार समुदाय बीजेपी से नाराज माना जा रहा है और पिछली बार उन्होंने कांग्रेस को वोट दिया था, उसी वोटर में पैठ बनाने की कोशिश अरविंद केजरीवाल कर रहे हैं. 

हालांकि, गुजरात आम आदमी पार्टी के पास ऐसा कोई पाटीदार बड़ा चेहरा नहीं है. राजकोट में केजरीवाल के पास बड़े नाम के तौर कांग्रेस छोड़कर आए आम आदमी पार्टी में आए इंद्रनील राज्यगुरु हैं. केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले ही उन्हें पार्टी में शामिल कराया था. इंद्रनील राज्यगुरु सौराष्ट्र में कांग्रेस के बड़े नेता हैं, जो 2017 में विजय रुपानी के सामने चुनाव लड़े थे. इसीलिए केजरीवाल ने खुद ही इन्द्रनील राजगुरु को सदस्यता दिलाई है.

हालांकि, केजरीवाल को पहले उम्मीद थी कि सौराष्ट्र में सामाजिक संगठन के जरिए वो पाटीदारों में एंट्री कर पाएंगे. ऐसे में एक बार एंट्री होने के बाद इसका फायदा चुनाव में मिल सकता है, क्योंकि सूबे की सियासत में पाटीदार वोटर काफी अहम माने जाते हैं. 

बीजेपी 27 सालों से पाटीदार वोटों के दम पर सत्ता में बनी हुई और जिसमें सेंध लगाए बिना किसी भी पार्टी के लिए गुजरात में अपनी जगह बनाना संभव नहीं है. अरविंद केजरीवाल ने इसीलिए पहले आदिवासी समुदाय के बीच सियासी आधार रखने वाली बीटीपी के साथ गठबंधन किया, जिसकी घोषणा उन्होंने एक मई को भरूच में आदिवासी सम्मेलन में की. अब केजरीवाल पाटीदार समुदाय को साधने के लिए सौराष्ट्र में उतर रहे हैं.


 

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