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राहुल का मोदी से सवाल- 7thPC में तय ₹18000 मासिक क्यों नहीं मिल रही?

बता दें कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने गुजरात मांगे हिसाब के नाम से कैंपेन चलाया है. जिसके तहत वह रोजाना एक सवाल पूछेंगे.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे. लेकिन इस दौरान भी उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वार करना बंद नहीं हुआ है. सोमवार सुबह राहुल ने पीएम से अपने सवालों का सिलसिला जारी रखा.

उन्होंने अपना छठा सवाल पूछते हुए वेतन आयोग पगार पर सवाल उठाए. राहुल ने अपने ट्वीट में पूछा कि ''भाजपा की दोहरी मार एक तरफ युवा बेरोजगार दूसरी तरफ़ लाखों फिक्स पगार और कांट्रैक्ट कर्मचारी बेज़ार 7वें वेतन आयोग में ₹18000 मासिक होने के बावजूद फिक्स और कांट्रैक्ट पगार ₹5500 और ₹10000 क्यों? ''

बता दें कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने गुजरात मांगे हिसाब के नाम से कैंपेन चलाया है. जिसके तहत वह रोजाना एक सवाल पूछेंगे.

महिला सुरक्षा को लेकर पूछा था प्रश्न (पांचवा सवाल) 

राहुल ने रविवार को ट्विटर पर 5वां सवाल करते हुए गुजरात में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य का मामला उठाया था. राहुल ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए 22 साल तक गुजरात में सत्ता संभालने वाली बीजेपी को निशाने पर लिया था.

राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा, गुजरात की बहनों से किया सिर्फ़ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा'. ने इस सवाल के साथ राहुल ने हैशटेग गुजरात मांगे जवाब भी लिखा है.

शिक्षा पर मांगा जवाब (चौथा सवाल )

#गुजरात_मांगे_जवाब के साथ राहुल गांधी ने सुबह अपना चौथा सवाल ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने 'प्रधानमंत्रीजी- चौथा सवाल' शीर्षक के साथ लिखा, 'सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर, किया शिक्षा का व्यापार, महँगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार, New India का सपना कैसे होगा साकार?'

बिजली आपूर्ति पर तंज (तीसरा सवाल)

राहुल का तीसरा सवाल गुजरात में बिजली आपूर्ति से जुड़ा हुआ है. राहुल ने ट्वीट कर मोदी से पूछा कि 2002-16 के बीच 62 हजार 549 करोड़ की बिजली खरीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी? साथ ही राहुल गांधी ने गुजरात सरकार पर सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता घटाने का आरोप लगाया है. राहुल ने कहा कि सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता 62 प्रतिशत घटाई लेकिन निजी कंपनी से 3 रुपये प्रति यूनिट की बिजली 24 रुपये में क्यों खरीदी?

कर्ज पर साधा निशाना (दूसरा सवाल)

राहुल का दूसरा सवाल था कि 1995 में गुजरात पर 9,183 करोड़ रुपये का कर्ज था और 2017 में गुजरात पर 2,41,000 करोड़ का कर्ज है. यानी हर गुजराती पर 37 हजार रुपये का कर्ज है. इन आंकड़ों को सामने रखते हुए राहुल गांधी ने पूछा है कि नरेंद्र मोदी के वित्तीय कुप्रबंधन और पब्लिसिटी की सजा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?

आवास से शुरू किया था सिलसिला (पहला सवाल)

राहुल ने 29 नवंबर को अपने सवालों का सिलसिला शुरू किया था. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट करते हुए पहला सवाल पूछा, '22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब, गुजरात के हालात पर प्रधानमंत्रीजी से पहला सवाल: 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे, 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर. प्रधानमंत्रीजी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे'. राहुल गांधी पिछले चुनाव में बीजेपी की ओर से किए गए चुनावी वादों की याद दिला रहे हैं.

इधर राहुल वार करते हैं तो पीएम मोदी भी उनपर पलटवार करते हैं. रविवार को सुरेंद्र नगर में रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सुरेंद्रनगर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ताजपोशी को लेकर पार्टी के भीतर से उठी आवाज का समर्थन किया है. उन्होंने वंशवाद पर सवाल उठाने के लिए महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता शहजाद पूनावाला की तारीफ की है.

पीएम मोदी ने मंच से कहा कि शहजाद ने शहजादे को लेकर सवाल उठाए तो उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई. यहां तक कि शहजाद को सोशल मीडिया ग्रुप से भी हटा दिया गया. पीएम ने कहा कि ये किस तरह का टॉलरेंस है.

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