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12 दिन में पांच आयोजन, बिहार चुनाव के ऐलान से पहले एक्शन मोड में पीएम मोदी

पीएम मोदी सोमवार को बिहार में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. साथ ही बिहार के गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे. पिछले 12 दिनों में पीएम मोदी पांचवीं बार बिहार को संबोधित करेंगे. 

नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी बिहार को देंगे विकास की सौगात
  • पीएम मोदी बिहार की पांचवीं रैली को संबोधित करेंगे
  • बिहार में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर वापस आएं हैं

बिहार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने राज्य के लिए खजाना खोल दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल रैली के जरिए बिहार के लिए एक के बाद एक सौगात देकर सियासी समीकरण साधने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी सोमवार को बिहार में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. साथ ही बिहार के गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे. पिछले 12 दिनों में पीएम मोदी पांचवीं बार बिहार को संबोधित करेंगे. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी जंग को फतह करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी दी है. कोरोना संकट काल में बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूरों ने घर वापसी की है, जिनमें बड़ी संख्या बिहार के लोगों की है. ऐसे में मजदूरों के पास रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, जिसके लिए पीएम मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार की शुरुआत की थी. इस योजना का आगाज पीएम ने 20 जून को बिहार के खगड़िया से कर विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका था. इसके बाद पीएम मोदी ने हाल ही में सितंबर के महीने से बिहार में सौगातों की झड़ी लगा दी है. 

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लगातार बिहार को खास सौगात देने में जुटी हुई है. गत 12 दिनों में चार कार्यक्रमों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने दो अलग-अलग संदेश दिए. पहले कार्यक्रम में पीएम का जोर एनडीए में आपसी एकता के प्रदर्शन पर था. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की जमकर सराहना की थी. इसके अलावा पीएम ने खुद योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे यानी 'वन टू वन' संवाद कर बिहार की राजनीति समीकरण साधने की कवायद की थी. 

10 सितंबर को पीएम ने चुनावी बिगुल फूंका

दरअसल, एनडीए को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय और करिश्माई चेहरे पर खासा भरोसा है. पीएम मोदी चुनाव के औपचारिक ऐलान से पहले बिहार की सियासी जमीन तैयार कर लेना चाहते हैं. यही वजह है कि मोदी हर दूसरे दिन बिहार को विकास की सौगात दे रहे हैं. पीएम मोदी ने 10 सितंबर को 294 करोड़ रुपये से अधिक की मछली पालन और पशुपालन से संबंधित कई योजनाओं का शुभारंभ अलग-अलग जिलों में की थी. इस दौरान उन्होंने कई लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया था. 

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 13 सितंबर को बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र की 901 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को समर्पित किया था. पीएम मोदी ने एलपीजी व सीएनजी परियोजनाओं के जरिए हर वर्ग के मतदाताओं को साधने का संदेश दिया था. सीएनजी के जरिए जहां अगड़े वर्ग और युवाओं को साधा, वहीं, उज्ज्वला योजना के जरिए कमजोर, अति पिछड़े और अनुसूचित जाति के बीच एलपीजी सिलिंडर की पहुंच सुनिश्चित कराने का संदेश दिया था. 

15 सितंबर को वाटर प्लांट की दी सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर को एक बार फिर बिहार के लिए विकास का पिटारा खोला. उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति योजना, रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट, रेलवे लाइन, रेलवे ब्रिज, सड़कें और गंगा पर पुल जैसी कई नई सौगातों की बौछार कर दिया था. इस दौरान पीएम मोदी ने शहरीकरण के बहाने लालू यादव के परिवार पर निशाना साधा था और साथ ही आबंडेकर का जिक्र कर बिहार के दलित समुदाय को साधने की कोशिश की थी. इसके अलावा उन्होंने छठ पूजा के दौरान घाट पर स्नान के लिए गंगा के स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का भी जिक्र किया था. 

18 सितंबर को कोसी सेतु का उद्घाटन

पीएम मोदी ने 18 सितंबर 2020 को बिहार का 86 साल के सपने को साकार करने का काम किया. पीएम मोदी कोसी रेल महासेतु का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया था. इसके साथ ही पीएम ने बिहार के रेल यात्रियों की सुविधाओं के लिए 12 रेल परियोजनाओं का भी आगाज किया था. इस दौरान पीएम ने सीमांचल से मिथालांचल तक के राजनीतिक समीकरण को साधने की कवायद की थी.

उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले महासेतु से लोगों का सफर आसान हो गया. दशकों से उत्तर बिहार जो विकास से वंचित था उसे इस पुल के बन जाने से गति मिलेगी. पीएम ने कहा था कि कोसी और मिथिला क्षेत्र के लिए ये महासेतु सुविधा का साधन तो है ही, ये इस पूरे क्षेत्र में व्यापार-कारोबार, उद्योग-रोजगार को भी बढ़ावा देने वाला है.

21 सितंबर को पीएम देंगे सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नौ राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इससे बिहार को आर्थिक विकास में लाभ होगा. इससे पड़ोसी राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों के साथ-साथ सामानों की आवाजाही सुगम होगी. मोदी ने साल 2015 में बिहार में विकास के लिए एक विशेष पैकेज का ऐलान किया था. इस पैकेज में 54,700 करोड़ रुपये लागत की 75 परियोजनाएं शामिल थीं. इनमें से 13 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 38 परियोजनाओं पर काम जारी है. 

साथ ही पीएम मोदी राज्य के 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाली सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इससे राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में 'डिजिटल क्रांति' आएगी. इस परियोजना का क्रियान्वयन संचार विभाग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) के संयुक्त प्रयासों से किया जाएगा. पीएमओ ने ट्वीट कर कहा कि सीएससी के बिहार भर में 34,821 केंद्र हैं और वह अपने कार्यबल का इस्तेमाल इस परियोजना में करेगा. 

पीएम मोदी ने हाल के दिनों में बिहार में कई विकास योजनाओं का शुभारंभ और उद्घाटन किया है. इस में रेल, ब्रिज, पीने का पानी और सिंचाई से संबंधित परियोजनाएं हैं. इसके बाद 23 सितंबर को प्रधानमंत्री चार और मंत्रालयों से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और शुभारंभ करेंगे. ऐसे में साफ है कि एनडीए इन विकास योजनाओं के जरिए 17वीं विधानसभा चुनाव की राह आसान बनाने में जुट गया है. 

 

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