बिहार में अगिआंव विधानसभा सीट पर सीपीएमएल उम्मीदवार मनोज मंजिल को भारी जीत मिली है. उन्हें करीब 62 प्रतिशत वोट मिले हैं. वहीं जेडीयू उम्मीदवार प्रभुनाथ प्रसाद लगभग 27 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. ऐसे में कहा जा सकता है कि यहां पर चुनाव पूरी तरह से एकतरफा ही रहा. बिहार की अगिआंव विधानसभा सीट पर 28 अक्टूबर को वोट डाले गए, यहां कुल 52.08 फीसदी मतदान हुआ.
बिहार में कई ऐसी विधानसभा सीटें हैं जो पिछले दस साल में ही अस्तित्व में आई हैं. इन्हीं में से एक विधानसभा सीट है अगिआंव. यहां 2010 में पहली बार चुनाव हुए थे. भोजपुर जिले के ये एक मात्र सुरक्षित सीट है. मौजूदा वक्त में ये सीट जनता दल यूनाइटेड के पास थी.
कौन है उम्मीदवार?
• प्रभुनाथ प्रसाद – जदयू
• मनुराम राठौर – रालोसपा
• राजेश्वर पासवान – लोजपा
• मनोज मंजिल – सीपीआई (एमएल)
मतदान की तिथि – पहला चरण, 28 अक्टूबर
क्या है इस सीट का इतिहास?
भोजपुर जिले की एक मात्र अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट अगिआंव आरा लोकसभा क्षेत्र में आती है. 2008 में बिहार में परिसीमन हुआ था, जिसके बाद ये सीट बनी थी. 2010 में यहां पहली बार चुनाव हुए और भारतीय जनता पार्टी को जीत हासिल हुई, उसके बाद 2015 के चुनाव में जदयू ने जीत दर्ज की. पिछले चुनाव में जदयू, राजद के साथ थी. लेकिन अब इस सीट को एनडीए की खाते में ही माना जाएगा.
क्या है जातीय समीकरण?
इस सीट पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के बड़े समर्थक माने जाते हैं. ये इलाका नक्सली इलाके में गिना जाता था. अगर वोटरों की संख्या को देखें तो यहां करीब पौने तीन लाख वोटर हैं. जबकि 300 के करीब पोलिंग बूथ है. अगिआंव की अलग सीट बनने से पहले ये जगह सहार विधानसभा के रूप में जानी जाती रही है. यहां दस फीसदी से अधिक वोटर अनुसूचित जाति के ही हैं.