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बंगाल: चौथे दौर की रोमांचक टक्कर, MP से MLA बनने की रेस में BJP के दो दिग्गज

पश्चिम बंगाल के चौथे चरण में हो रहे हाई प्रोफाइल मुकाबलों में बीजेपी के दो मौजूदा सांसद विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं तो ममता बनर्जी के दो मंत्रियों की साख दांव पर है. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो से लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी व अरूप बिस्वास सहित बीजेपी और टीएमसी के दिग्गज नेताओं की सियासी किस्मत का फैसला आज होना है. 

अरूप बिस्वास, बाबुल सुप्रियो, देवदत्त घोष अरूप बिस्वास, बाबुल सुप्रियो, देवदत्त घोष
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चौथे चरण में बीजेपी के दो सांसद मैदान में
  • चौथे चरण में ममता बनर्जी के मंत्रियों की साख दांव पर
  • बंगाल रणजी टीम के पूर्व कप्तान मनोज तिवारी की परीक्षा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण की 44 सीटों पर 373 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, जिनकी किस्मत का फैसला जनता आज कर रही है. चौथे चरण में होने वाले हाई प्रोफाइल मुकाबलों में बीजेपी के दो मौजूदा सांसद विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, तो ममता बनर्जी के दो मंत्रियों की साख दांव पर है. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो से लेकर पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी व अरूप बिस्वास सहित बीजेपी और टीएमसी के दिग्गज नेताओं की सियासी किस्मत का फैसला आज होना है. 

बंगाल के चौथे चरण में 5 जिलों की 44 सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं. इनमें हावड़ा जिले की 9 सीट, दक्षिण 24 परगना जिले की 11 सीट, हुगली जिले की 10 सीट, अलीपुरद्वार की 5 सीट और कूच बिहार की सभी 9 सीटों पर वोटिंग हो रही है. इस चरण में जातीय गणित भी बेहद अहम रोल अदा करने वाला है,  जहां अनुसूचित जाति और जनजाति के वोट करीब 28 फीसदी हैं. मुस्लिम वोट 20 फीसदी और 20 ही फीसदी राजवंशी समुदाय का वोट है. 

बाबुल सुप्रियो बनाम अरुप बिस्वास
चौथे चरण में होने वाले हाई प्रोफाइल मुकाबलों में कोलकाता में बंगाली फिल्म उद्योग का दिल कहे जाने वाले टॉलीगंज सीट से बीजेपी के टिकट पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं, टीएमसी से तीन बार के विधायक व खेल राज्यमंत्री अरुप बिस्वास एक फिर से मैदान में है, जबकि सीपीएम ने एक्टर देवदत्त घोष को उतारा है. यह सीट टीएमसी की परंपरागत मानी जाती है, लेकिन टॉलीगंज को बंगाल सिनेमा के लिए जाना जाता है. सुप्रियो एक बड़े सिंगर हैं और उन्होंने बंगाल की फिल्मों में भी कई हिट गाने गाए हैं. ऐसे में विश्वास के साथ उनका मुकाबला जबरदस्त हो गया है.

 

ममता के मंत्री की साख दांव पर
बेहला पश्चिम विधानसभा सीट भी काफी प्रोफाइल मानी जा रही है. यहां से राज्य के शिक्षा मंत्री और टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी मैदान में है, जिनके खिलाफ बीजेपी ने फिल्म अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी को उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है.

हालांकि, बेहला सीट पर पिछले तीन चुनाव से लगातार पार्थ चटर्जी जीतते आ रहे हैं, जिसके चलते उनका यह परंपरागत गढ़ माना जाता है.  ऐसे ही बेहला पूर्व सीट पर भी काफी रोचक मुकाबला है. यहां से भाजपा की उम्मीदवार पायल सरकार मैदान में है, जिनके खिलाफ टीएमसी ने चित्ना चटर्जी को उतारा है. चटर्जी शहर के पूर्व महापौर और अग्निशमन मंत्री शोभन चटर्जी की पत्नी हैं. 

राजीव बनर्जी के सामने चुनौती
टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राजीव बनर्जी की किस्मत का भी फैसला भी इसी चरण में होना है. ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी हावड़ा जिले के दोमजुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में है. तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट से बनर्जी के खिलाफ कल्याण घोष को चुनाव में उतारा है. कल्याण घोष हावड़ा से सत्तारूढ़ पार्टी के दिग्गज एवं राज्य के मंत्री अरूप रॉय के करीबी माने जाते हैं, लेकिन राजीव बनर्जी इस सीट से दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं और तीसरी बार जीतने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. हालांकि, इस सीट पर 30 फीसदी मुस्लिम वोटर काफी अहम हैं. 

बीजेपी सांसद के सामने कड़ी चुनौती
भाजपा की सांसद लॉकेट चटर्जी की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है. हुगली जिले के चुंचुड़ा विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर सांसद लॉकेट चटर्जी किस्मत आजमा रही है, जिनका मुकाबला टीएमसी से दो बार के विधायक रहे असित मजूमदार (तपन) से है. टीएमसी की यह परंपरागत सीट मानी जाती है, लेकिन लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त के चलते बीजेपी ने बढ़ा दांव खेला है और अभिनेत्री से नेता बनी लॉकेट चटर्जी को उतारा है. 

क्रिकेटर मनोज तिवारी की साख दांव पर
शिबपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट मानी जाती है, जहां टीएमसी ने अपने मौजूदा विधायक जाटू लाहिड़ी का टिकट काटकर बंगाल रणजी टीम के कप्तान रहे मनोज तिवारी को उतारा है. क्रिकेटर मनोज तिवारी के खिलाफ बीजेपी ने रतींद्रनाथ चक्रवर्ती पर दांव लगाया है तो कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने डॉ जगन्नाथ भट्टाचार्जी को प्रत्याशी बनाया है. ऐसे में देखना है कि सियासी पिच पर उतरे मनोज तिवारी क्या राजनीतिक गुल खिलाते हैं? 

 

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