Sharad Kumar Awasthi
BJP
Ram Kishor
BSP
Arun Kumar
AIMIM
Gyanesh Shukla
INC
Nota
NOTA
Neeraj Sharma
IND
Dharamveer Singh
AAAP
Ram Dayal
IND
Subhash Chandra
SHS
Virendra Kumar Patel
ASPKR
Usha Dwivedi
BDGP
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है. हाल ही में केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि राज्य में उपचुनाव नजदीक हैं. दिल्ली से लेकर अमरोहा तक इस बैठक को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 के मद्देनजर सपा और कांग्रेस में गठबंधन पर सहमति के बावजूद सीटों के बंटवारे को लेकर पेच फंसा हुआ है. ऐसे में दोनों ही दल सभी 403 सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. कांग्रेस जहां अपनी बार्गेनिंग पावर बचाने के लिए जल्द सीट-शेयरिंग चाहती है, वहीं सपा जल्दबाजी के मूड में नहीं दिख रही है.
बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं. उनके इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अपने इस दौरे के दौरान नितिन नवीन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. इस बैठक में वे चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे और कार्यकर्ताओं को जीत के लिए जरूरी दिशा-निर्देश देंगे.
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को गठबंधन के लिए खुला न्योता दिया है. ओवैसी ने साफ तौर पर कहा है कि साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जो भी दल भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं, उन्हें उनके साथ आना होगा. ओवैसी ने इसके लिए 2 अक्टूबर तक की समय सीमा तय की है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय काफी हलचल देखने को मिल रही है. आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दिया है. इसी सिलसिले में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिनों के दौरे पर मेरठ और सहारनपुर पहुंचे हैं. यहां वे पार्टी के शक्ति केंद्रों की समीक्षा करेंगे और युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों में भाग लेंगे.
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बीजेपी को रोकने के लिए गठबंधन का प्रस्ताव दिया है और इसके लिए 2 अक्टूबर तक की समय सीमा तय की है. ओवैसी के इस बयान पर अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनके अलग चुनाव लड़ने से सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा पहुंचता है. यूपी की सियासत में इन तमाम गतिविधियों से 2027 की जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है.
की राजनीति में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के एक बयान ने सियासी घमासान मचा दिया है. देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओपी राजभर ने दावा किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के चार हिस्से किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जब भी सूबे का बंटवारा होगा, तब पूर्वांचल का पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज का ही बेटा बनेगा.
अखिलेश यादव के सामने ही समाजवादी पार्टी के दो नेता आपस में भिड़ गए. लखनऊ में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बुलाई गई बैठक में दोनों के बीच तीखी बहस हुई. पार्टी ने एटा और कासगंज की पूरी जिला इकाइयों को भंग कर दिया.
2027 के यूपी चुनाव के लिए अभी से सियासी तपिश बढ़ गई है. सत्ता पक्ष अपने कामकाज और शासन को लेकर मैदान में है, तो बिपक्ष सामाजिक समीकरणों और अपने राजनीतिक गठजोड़ के साथ सरकार को घेर रहा है. दलित वोट से लेकर सवर्ण, पिछड़, मुस्लिम समीकरण तक साधने हर पार्टी की नजर है. देखें ये स्पेशल शो.
बसपा ने विधानसभा सीट-188 सुल्तानपुर से इम्तियाज अहमद भुट्टो को प्रभारी और प्रत्याशी घोषित किया है. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अखिलेश यादव के PDA पर हमला करते हुए इसे "धोखा" बताया.