Firoz Khan Urf Gabbar
SP
Sunil Kumar Pathak
BSP
Akhilesh Yadav
INC
Madhu Dwivedi
CPI
Nota
NOTA
Hajari Lal
RTBGP
Disha Patel
ADBP
Jang Bahadur Kori
MADP
Bhupendra Pratap
IND
Sunil Kumar Srivastava (samaj Sevi)
AAAP
Raj Kumar
JANADIP
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने नवंबर और दिसंबर में प्रदेशव्यापी मेगा कैंपेन काखाका तैयार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरों के साथ ही पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समीकरणों को साधने की तैयारी में जुट गई है.
UP Election2027 :यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने अभी से अपनी तैयारी तेज कर दी है. हैदराबाद और कोलकाता में तिरंगा मार्च के बाद अब उत्तर प्रदेश में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के तहत छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी. जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, नितिन नबीन, केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे बड़े नेता सड़क पर उतरेंगे.
मिर्जापुर गंगा किनारे बसा विंध्य क्षेत्र का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व औद्योगिक केंद्र है. यह मां विंध्यवासिनी धाम, चुनार किले, कालीन-पीतल उद्योग और गुलाबी बलुआ पत्थर के लिए विश्वप्रसिद्ध है. राजनीतिक रूप से पटेल, बिंद व दलित बहुल इस जिले की मिर्जापुर लोकसभा सीट से अनुप्रिया पटेल सांसद हैं, जबकि 2022 के चुनाव में एनडीए ने सभी 5 विधानसभा सीटों पर क्लीन स्वीप किया था.
सहारनपुर में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने जनसभा के दौरान भाजपा, सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने भाजपा सरकार पर 7 हजार करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च करने, 25 हजार सरकारी स्कूल बंद होने और युवाओं को रोजगार न मिलने का आरोप लगाया. AI से रोजगार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी उन्होंने सरकार से सवाल किए.
मेरठ गंगा-यमुना दोआब की उपजाऊ क्रांतिधरा है, जो खेल सामग्री, कैंची उद्योग और गन्ने की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध है. मयराष्ट्र से हस्तिनापुर और 1857 के विद्रोह से लेकर चौधरी चरण सिंह-टिकैत के किसान आंदोलन तक, इसका समृद्ध इतिहास रहा है. राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस जिले की 7 विधानसभा सीटों में 2022 में सपा-रालोद गठबंधन को 4 और भाजपा को 3 सीटें मिलीं.
उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव में दो दशक से पांव जमाने की कोशिश कर रही जेडीयू ने इस बार नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के कंधों पर चुनावी कमान सौंपी है. एनडीए के साथ या अकेले किस्मत आजमाने का यह दांव पूर्वांचल के कुर्मी और अति-पिछड़ा वोट बैंक में बिखराव पैदा कर सकता है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव खेलते हुए 3 नवंबर से प्रदेश के सभी 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान की शुरुआत कर रही है. इस अभियान के तहत बीजेपी अपने दिग्गज नेताओं को उतारकर सियासी माहौल बनाने का काम करेगी.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में दो दशक से जगह तलाश रही जेडीयू ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को कमान सौंपी है. एनडीए गठबंधन के तहत पूर्वांचल की कुर्मी बहुल सीटों पर ध्यान केंद्रित करते हुए पार्टी इस बार निशांत की अगुवाई में अपनी चुनावी किस्मत आजमाने की तैयारी में है.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह सक्रिय हो गई है. राज्य में आने वाली राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए पार्टी ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है. जमीनी स्तर पर चुनावी प्रचार की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही संभाल रखी है. हालांकि, अब बड़ी खबर यह आ रही है कि 20 नवंबर के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह खुद उत्तर प्रदेश में बीजेपी के चुनाव प्रचार का नेतृत्व करेंगे.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. अयोध्या का मुद्दा एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुख्य राजनीतिक केंद्र बन गया है. विपक्ष जहां अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं बीजेपी इस बहाने राम मंदिर आंदोलन के इतिहास और 1990 के गोलीकांड को याद दिलाकर पलटवार कर रही है. बीजेपी नेताओं का आरोप है कि 1990 में कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें कई रामभक्तों की जान गई थी.