उत्तर प्रदेश में भले ही अगले साल विधानसभा चुनाव हो, लेकिन बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने की कवायद शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर महिला, किसान और युवाओं (MYK) पर है, जिन्हें साधने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. योगी सरकार ने बुधवार को वित्तीय वर्ग-2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसमें सबसे अधिक फोकस युवाओं, महिला और किसानों पर रहा.
योगी सरकार ने किसानों को युवाओं को दस लाख नौकरी देने का भरोसा दिलाया तो किसानों को सब्सिडी का सहारा दिया. इसके अलावा महिलाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है तो लड़कियों की शादी के लिए दिए जाने वाले 50 हजार की अनुदान की राशि को बढ़ाकर एक लाख कर दिया है.
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने बजट में जिस तरह से महिला, युवा और किसानों पर खास फोकस किया है, उसके सियासी मैसेज साफ हैं. सूबे की सियासत की दशा और दिशा यही तीन वोटबैंक तय कर रहे हैं. यही वजह है कि योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट के जरिए 2027 के लिए सियासी पिच तैयार करने का दांव चला है.
किसान पर योगी सरकार मेहरबान
योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में किसानों के लिए किए काम को गिनाते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी से लेकर एग्री-एक्सपोर्ट हब बनाने तक की बात कही है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कृषि योजनाओं पर 10 हजार 888 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है.सुरेश खन्ना ने कहा कि विश्व बैंक सहायता प्राप्त यूपी एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे.इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच देना और किसानों की आय बढ़ाना है.
किसानों की खाद परेशानी को दूर करने के लिए योगी सरकार ने इस बार 150 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है. सरकार इस राशि से खाद का अग्रिम भंडारण करेगी। किसानों के लिए सीड पार्क विकास परियोजना के तहत 251 करोड़ रुपए रखे गए हैं. छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए दिए गए हैं और किसानों के डीजल पंप को सोलर पंप से बदलने का ऐलान किया है. किसानों को बिजली पर सब्सिडी देने के लिए 2400 करोड़ रुपये रखे हैं.
यूपी में किसान कितने अहम फैक्टर
उत्तर प्रदेश में किसानों की आबादी और वोट बैंक को देखते हुए उन्हें हमेशा अहम फैक्टर माना गया है. सूबे में सरकार बनाने और बिगाड़ने की ताकत किसान रखते हैं, क्योंकि 403 विधानसभा सीटों में से 286 सीटें ऐसी है, जहां पर वो हार जीत तय करते हैं. ऐसे में योगी सरकार 2027 के चुनाव से पहले किसानों के लिए तमाम योजनाओं का ऐलान किया है ताकि सत्ता की हैट्रिक लगाई जा सके.
2022 में किसानों की नाराजगी के चलते पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर बीजेपी का गेम बिगड़ गया था. इसीलिए बीजेपी 2027 से पहले किसानों के लिए बड़े ऐलान करके उन्हें साधने की कवायद की है.
महिलाओं को साधने का बड़ा दांव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अकेले महिलाओं की विभिन्न योजनाओं पर 18 हजार करोड़ खर्च करने का ऐलान किया है. सिर्फ महिलाओं के लिए 12 नए आईटीआई खुलेंगे और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई अहम वादे किए हैं. सुरेश खन्ना ने ऐलान किया है कि प्रदेश में महिलाओं के लिए विशेष कौशल संवर्धन (स्किल डेवलपमेंट)और समर्पित जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे. ये केंद्र महिलाओं को बाजार की मांग के अनुरूप तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, साथ ही उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सेतु की भूमिका निभाएंगे.
बजट में अनुसूचित जाति की गरीब बेटियों के लिए 100 करोड़, ओबीसी की गरीब बेटियों के लिए 210 करोड़ और सामान्य वर्ग की गरीब बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को रोकने के लिए योगी सरकार ने 81 फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्थायीकरण, 212 अस्थाई फास्ट ट्रैक कोर्ट, एनआई एक्ट के अंतर्गत 38 अतिरिक्त कोर्ट और 5 विशेष कोर्ट के लिए पद बढ़ाए जाने का ऐलान किया.
युवाओं पर योगी सरकार का फोकस
योगी सरकार का फोकस रोजगार सृजन और युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर साफ तौर पर नजर आ रहा है. इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष के दौरान 40 लाख युवाओं को टैबलेट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है.सुरेश खन्ना ने कहा कि सूबे में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है और यह घटकर लगभग 2.24 फीसदी रह गई है. उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है.
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति पर लगातार काम कर रही है. इसी उद्देश्य से प्रदेश में नियमित रूप से ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया जा रहा है, निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में करीब 10 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. इसके लिए युवाओं को 40 लाख टेबलेट बांटे जाएंगे.
योगी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार मिशन और छात्रवृत्ति की स्कीम दी गई है. बजट में इस बार युवाओं के कौशल पर ज्यादा फोकस किया गया है और व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 3349 करोड़ रुपए का बजट रखा गया. 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में लगभग 1.90 लाख सीटें युवाओं के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी. एमएसएमई के माध्यम से 3822 करोड़ का बजट दिया गया है. प्रदेश के हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन बनाए जाएंगे.
युवा और महिला कितना बड़ा वोटबैंक
2024 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से राज्य में कुल 15.29 करोड़ मतदाता है, जिनमें 8.14 करोड़ पुरुष मतदाता, 7.15 करोड़ महिला मतदाता और 7,705 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल थे. इसमें पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की संख्या लगभग 20.41 लाख थी. यूपी में 18 साल से 40 तक के उम्र के करीब 50 फीसदी से ज्यादा वोटर हैं.
महिला और युवा दोनों ही सियासी तौर पर काफी अहम माने जाते हैं, बीजेपी की जीत में भी इन्हीं दोनों ही वोटबैंक का अहम रोल रहा है. 2024 के बाद बीजेपी ने जिन-जिन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कमबैक किया है, उसमें महिला और युवा वोटर की भूमिका अहम रही है. इसीलिए योगी सरकार ने 2027 के चुनाव से पहले अपने बिगड़े समीकरण को मजबूत करने के लिए युवा और महिलाओं के लिए तमाम वादों का ऐलान किया है ताकि सत्ता की हैट्रिक लग सके.