पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश के बाद भी सियासी हलचल थमी नहीं है. चुनाव नतीजों के एक दिन बाद मंगलवार को BJP की सीटों की संख्या बढ़कर 207 हो गई. यह बढ़ोतरी राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर वोटों की दोबारा गिनती के बाद मिली जीत से हुई है.
यह अतिरिक्त सीट BJP उम्मीदवार पीयूष कनौजिया की जीत से आई, जिन्होंने मौजूदा दो बार के TMC विधायक तापस चटर्जी को महज 309 वोटों के अंतर से हरा दिया. पहले के नतीजों में मुकाबला बेहद करीबी था, जिसके बाद दोबारा गिनती कराई गई.
18 दौर की गिनती पूरी होने के बाद पीयूष कनौजिया को 1,06,564 वोट मिले, जबकि चटर्जी 1,06,255 वोटों पर सिमट गए. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक BJP उम्मीदवार को जल्द औपचारिक रूप से विजेता घोषित किया जाएगा. BJP की कुल सीटें 207 हो गई हैं.
यह बढ़त ऐसे समय आई है, जब पार्टी पहले ही दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है और राज्य में पहली बार सत्ता में आई है. सोमवार को आए जनादेश में BJP ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया था. यहां तक की ममत बनर्जी भी हार गईं.
ममता बनर्जी अपनी हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट BJP के शुभेंदु अधिकारी से हारी हैं. नई सीट के जुड़ने के बाद BJP की स्थिति और मजबूत हो गई है. 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसे पार्टी काफी पहले पार कर चुकी है.
मतगणना के दिन शुरुआती रुझान जल्द ही BJP के पक्ष में एक बड़ी लहर में बदल गए थे. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार BJP ने 200 से ज्यादा सीटें जीतीं, जबकि TMC करीब 79 सीटों तक सिमट गई. यह नतीजा सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि वैचारिक बदलाव भी है.
साल 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जो केंद्र में भी सत्ता में है. इससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है. BJP के चुनाव अभियान की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली थी.
प्रधानमंत्री की रैलियां और सीधे मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति ने अभियान को धार दी. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. दूसरी ओर TMC का प्रदर्शन कई इलाकों में कमजोर रहा है.
उत्तरी बंगाल और जंगलमहल जैसे क्षेत्रों में TMC का जनाधार खिसक गया है. वोट शेयर के आंकड़े भी बदलाव को साफ दिखाते हैं. BJP का वोट शेयर 2021 के 38 प्रतिशत से बढ़कर करीब 45 प्रतिशत हो गया, जबकि TMC का वोट शेयर 48 से 40.94 प्रतिशत रह गया.
सीटों के लिहाज से यह बदलाव और भी बड़ा है. TMC की सीटें 215 से घटकर करीब 80 रह गईं, जबकि BJP 77 से सीधे 207 सीटों तक पहुंच गई. इस तरह हाशिए से शुरू हुआ BJP का सफर अब पश्चिम बंगाल में एक ऐतिहासिक और निर्णायक जनादेश में बदल चुका है.