पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान के दिन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया है. यह टीमें सुनिश्चित करेंगी कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह के बम का इस्तेमाल न हो सके. बम और विस्फोटक का पता लगाने वाली स्पेशल टीमों के साथ बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS), फोरेंसिक टीमें और डॉग स्क्वॉड की 24 घंटे तैनाती की गई है. सुरक्षा का यह घेरा हर निर्वाचन क्षेत्र को कवर करेगा.
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं को आजाद, निडर और प्रभाव मुक्त वातावरण में मतदान केंद्रों पर आने के लिए आमंत्रित किया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हर वोटर को भरोसा दिलाया है कि मतदान क्षेत्रों में हिंसा या धमकी के लिए कोई जगह नहीं है.
सुरक्षा बल और सतर्कता एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं, जिससे बूथ रिगिंग, बूथ जैमिंग या सोर्स जैमिंग जैसी घटनाएं किसी भी परिस्थिति में न हो सकें.
वोटर्स के लिए चुनाव आयोग का मैसेज
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सुरक्षा बल कड़ी चौकसी पर हैं और एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे निडर होकर और खुशी मन के साथ अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान केंद्र तक जाएं. आयोग का टारगेट है कि बंगाल का हर वोटर अपने संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य का निर्वहन करे, क्योंकि बंगाल में मतदान 'लोकतंत्र का पर्व और वोटर का गर्व' है.
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प्रशासन ने कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हर निर्वाचन क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही है, जिससे सोर्स जैमिंग जैसी कोशिशें नाकाम हो सकें. सुरक्षा व्यवस्था का मकसद है कि मतदाता बिना किसी बाहरी दबाव या डर के अपनी पसंद की सरकार चुन सकें. एनआईए और बीडीएस की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बना दिया है.