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PM मोदी के ‘ओपन लेटर’ पर TMC का पलटवार, सोशल मीडिया पर जारी किया व्यंग्यात्मक जवाब

23 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के लोगों को संबोधित एक भावनात्मक और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़ा खुला पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने राज्य की जनता द्वारा कथित तौर पर झेले जा रहे छल और पीड़ा पर दुख जताया और ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाताओं से सेवा का अवसर देने की अपील की थी.

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इस पत्र को TMC ने 'बंगाल की जनता के नाम मेरा स्पष्ट कबूलनामा' नाम दिया है. (Photo- ITG)
इस पत्र को TMC ने 'बंगाल की जनता के नाम मेरा स्पष्ट कबूलनामा' नाम दिया है. (Photo- ITG)

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले सियासी जंग और तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंगाल की जनता को लिखे गए भावुक पत्र के जवाब में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने गुरुवार को उसी अंदाज और रूप-रंग में एक 'व्यंग्यात्मक' पत्र जारी किया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र को TMC ने 'बंगाल की जनता के नाम मेरा स्पष्ट कबूलनामा' नाम दिया है.

दरअसल, 23 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के लोगों को संबोधित एक भावनात्मक और सांस्कृतिक संदर्भों से जुड़ा खुला पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने राज्य की जनता द्वारा कथित तौर पर झेले जा रहे छल और पीड़ा पर दुख जताया और ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाताओं से सेवा का अवसर देने की अपील की थी.

टीएमसी के जवाबी पत्र में प्रधानमंत्री पर केंद्रीय फंड रोकने और भाजपा-शासित राज्यों में बंगालियों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए. साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का हथियार की तरह इस्तेमाल किया है.

टीएमसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को जल्दबाजी में किया गया कदम करार देते हुए इसे लेकर राज्य में हुई कथित मौतों के लिए भी प्रधानमंत्री पर जिम्मेदारी स्वीकार न करने का आरोप लगाया.

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गौरतलब है कि टीएमसी का यह कदम चुनावी माहौल में राजनीतिक बयानबाजी को और धार देने वाला माना जा रहा है. सोशल मीडिया के जरिए दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग अब खुली चिट्ठियों और प्रतीकात्मक संदेशों के रूप में सामने आ रही है, जिससे राज्य की चुनावी राजनीति का तापमान और बढ़ गया है.

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