भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की टीम इन दिनों तमिलनाडु के दौरे पर है, जहां आगामी चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है. दौरे के दूसरे दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में राज्य के अधिकांश राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी मांगें और सुझाव रखे. अधिकांश दलों ने राज्य में चुनाव एक ही चरण में कराने की मांग की, ताकि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो और आचार संहिता का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके.
बैठक के दौरान दलों ने धनबल के उपयोग और मुफ्त उपहारों के वितरण पर कड़े अंकुश की आवश्यकता पर जोर दिया. कई प्रतिनिधियों ने चुनाव के दौरान कदाचार रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की संख्या बढ़ाने की मांग की. उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत होने से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी.
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ भी विस्तृत चर्चा की. इस दौरान सुरक्षा आवश्यकताओं, चुनावी कार्यों में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान, चुनाव सामग्री की उपलब्धता तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श हुआ. चुनाव कार्यक्रम तय करने से पहले स्कूलों की पढ़ाई और परीक्षाओं, कृषि कार्य, मौसम की स्थिति तथा स्थानीय त्योहारों और उत्सवों को ध्यान में रखने की भी मांग की गई.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया कि चुनाव हमेशा कानून के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाते हैं. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग प्रलोभन से संबंधित गतिविधियों पर सख्ती से शिकंजा कसेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में अधिकांश दलों ने पुदुच्चेरी में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए चुनाव आयोग की सराहना भी की. इसके अलावा, मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और दिव्यांग व बुजुर्ग मतदाताओं की पहुंच सुलभ करने के लिए भी रचनात्मक सुझाव दिए गए. निर्वाचन आयोग ने सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिलाया.