प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के पलक्कड़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का शंखनाद कर दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यहां की जनता अब एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के खोखले वादों से पूरी तरह पक चुकी है. पलक्कड़ की सड़कों पर जो उत्साह दिख रहा है, वह साफ बता रहा है कि यहां का माहौल अब एक बड़े 'मूवमेंट' यानी जन-आंदोलन में बदल चुका है.
पीएम मोदी ने केरल की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि दशकों से यह राज्य स्वार्थी राजनीति के दो चेहरों के बीच फंसा हुआ है. एक तरफ कम्युनिस्ट (LDF) हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस (UDF). उनके मुताबिक, इनमें से एक भ्रष्ट है तो दूसरा महाभ्रष्ट, एक सांप्रदायिक है तो दूसरा महासांप्रदायिक. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ही गठबंधनों की नीतियां सिर्फ वोटबैंक के लिए होती हैं और इन्हें केरल के विकास की कोई परवाह नहीं है.
कांग्रेस और कम्युनिस्टों के डबल गेम पर चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री ने जनता को आगाह किया. उन्होंने कहा, 'आजकल ये दोनों दल एक नया प्रोपेगेंडा चला रहे हैं. कम्युनिस्ट कहते हैं कि कांग्रेस बीजेपी की B टीम है, वहीं कांग्रेस कहती है कि कम्युनिस्ट बीजेपी की B टीम हैं. इसका सीधा मतलब तो यही हुआ कि दोनों ने खुद ही मान लिया है कि केरल में असली और इकलौती टीम सिर्फ बीजेपी ही है.'
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि ये दोनों दल दिल्ली में तो इंडी (INDI) गठबंधन का हिस्सा बनकर साथ घूमते हैं और पहले सरकार भी चला चुके हैं, लेकिन केरल में आकर एक-दूसरे का विरोधी होने का नाटक करते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एलडीएफ ने राज्य की अर्थव्यवस्था को इतना बर्बाद कर दिया है कि सरकार के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं.
युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा बयान
भाषण के दौरान पीएम मोदी ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'इस समय मिडल ईस्ट में चल रहे युद्ध पर पूरी दुनिया की नजर है. हमारी सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि इस जंग का असर भारत पर कम से कम पड़े. उन्होंने याद दिलाया कि केरल के बहुत सारे लोग उन युद्धग्रस्त इलाकों में काम कर रहे हैं.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जंग शुरू होने के बाद से ही वे उन देशों के राष्ट्राध्यक्षों से लगातार संपर्क में हैं. प्रधानमंत्री के मुताबिक, सभी देश वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और भारतीय दूतावास भी इस काम में दिन-रात जुटा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे भाई-बहनों के हितों की रक्षा करना एनडीए सरकार के लिए सबसे ऊपर है, जबकि इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस की बयानबाजी बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना है.
'अब होगा पाई-पाई का हिसाब'
घोटालों के मुद्दे पर दोनों गठबंधनों को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ ने सालों तक बड़े-बड़े कांड किए हैं, लेकिन इन्होंने कभी एक-दूसरे के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया. ये सिर्फ दिखावे के लिए एक-दूसरे के खिलाफ बोलते हैं. उन्होंने वादा किया, 'केरल में बीजेपी-एनडीए की सरकार बनते ही इन सभी घोटालों की गहराई से जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी. यही डर इन दोनों पार्टियों की रातों की नींद उड़ा रहा है.'
अंत में 'विकसित केरल' का विजन साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जो दशकों से नहीं बदला, अब वो बदलेगा. उन्होंने जनता को 'मोदी की गारंटी' दी कि यहां बनने वाली एनडीए सरकार राज्य का तेज विकास करेगी और इसे देश का अग्रणी राज्य बनाएगी.