पश्चिम बंगाल में चुनाव हैं और आज हल्दिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग ही रंग में नजर आए. उन्होंने मंच से बंगाल की जनता को 6 बड़ी 'मोदी गारंटियां' दीं और साफ कहा कि बीजेपी की सरकार आते ही भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा जाएगा और हर पुराने घोटाले की फाइल फिर से खुलेगी. रैली में उमड़े जनसैलाब को देख पीएम मोदी गदगद नजर आए, उन्होंने साफ कहा कि बंगाल की जनता ने इस बार हर बाधा को पार करने और मुश्किलों को हराने का पूरा मन बना लिया है. उन्होंने इसे सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि बदलाव की एक ऐसी आंधी बताया जो टीएमसी की सरकार को विदा करने के लिए काफी है.
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि बंगाल का यह चुनाव कोई छोटा-मोटा चुनाव नहीं है, बल्कि यह बंगाल की खोई हुई शान और उसकी पुरानी पहचान को वापस लाने की लड़ाई है. उन्होंने लोगों को सीधे शब्दों में समझाया कि अगर हम वाकई एक 'विकसित बंगाल' का सपना पूरा करना चाहते हैं, तो उसका सबसे पहला कदम यही होगा कि इस निर्मम सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया जाए.
उनका कहना है कि आज जब पूरा भारत इतनी तेजी से तरक्की कर रहा है, तब टीएमसी अपनी नीतियों से बंगाल को पीछे खींचने में लगी है. जो बंगाल कभी पूरे देश के व्यापार और फैक्ट्रियों की जान हुआ करता था, उसे आज विकास के मामले में काफी पीछे धकेल दिया गया है. उन्होंने हल्दिया का उदाहरण देते कहा कि 'कभी यहां लोग दूर-दूर से काम की तलाश में आते थे, लेकिन आज हालात ऐसे बन गए हैं कि यहां के नौजवानों को अपनी रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों की ओर भागना पड़ रहा है'
मंच से तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी के राज में काम-धंधे वाली फैक्ट्रियां तो बंद हो गईं, लेकिन घुसपैठियों की फैक्ट्री खूब फल-फूल रही है. उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि हल्दिया तो सदियों पहले से ही एक समृद्ध और संपन्न शहर रहा है, मगर पिछले कुछ सालों में यहां की फैक्ट्रियों में सिर्फ ताले ही लटकते दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए अपनी वो 6 बड़ी गारंटियां भी विस्तार से समझाईं, जो बीजेपी सरकार आने पर पूरी की जाएंगी.
'PM' शब्द से नफरत में गरीबों का नुकसान कर रही TMC
पीएम मोदी ने कहा कि 'पीएम मत्स्य संपदा योजना' की वजह से पूरे देश में मछली पालन बहुत बढ़ा है. पड़ोसी राज्य बिहार और असम ने अपना उत्पादन दोगुना कर लिया है, लेकिन बंगाल के मछुआरे पिछड़ रहे हैं. कारण यह है कि टीएमसी को 'PM' शब्द से इतनी नफरत है कि वे इस योजना को ठीक से लागू ही नहीं होने दे रहे हैं. यही हाल आयुष्मान भारत योजना का है, जिससे बुजुर्गों को मुफ्त इलाज मिलता है, लेकिन टीएमसी इसे बंगाल में नहीं आने दे रही.
पीएम मोदी ने आखिर में कहा कि 'टीएमसी के नेताओं को मुझसे नफरत है, पर इस नफरत में उन्होंने PM शब्द को भी नहीं छोड़ा, जबकि यह शब्द मुझे संविधान और जनता ने दिया है.' उन्होंने माहिष्य समुदाय का जिक्र करते हुए भरोसा दिया कि बीजेपी सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी और संविधान के अनुसार सबको उनका हक दिलाएगी. बंगाल में भी अब सुरक्षा और विकास का वही माहौल आएगा जो बाकी बीजेपी शासित राज्यों में है.