केरल के त्रिशूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोडशो में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. त्रिशूर के प्रसिद्ध स्वराज गोलचक्कर के पास हजारों की भीड़ 'जय जय मोदी, जय जय बीजेपी' के नारों के साथ पीएम का स्वागत करती नजर आई. केरल की सांस्कृतिक राजधानी त्रिशूर इस दौरान पूरी तरह केसरिया रंग में रंगी दिखाई दी. प्रधानमंत्री इससे पहले पलक्कड़ में एक बड़ी रैली को संबोधित कर त्रिशूर पहुंचे थे.
इस दौरान उन्होंने पारंपरिक ‘मुंडू’ पहनकर लोगों का अभिवादन किया और चेंडा वाद्य यंत्र भी बजाने की कोशिश की, जिससे स्थानीय लोगों में खास उत्साह दिखा. पीएम ने एनडीए उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन के समर्थन में प्रचार किया और अपने भाषण में वाम दलों और कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के 'बी टीम' वाले बयान पर भी तंज कसा.
पलक्कड़ को बीजेपी का मजबूत क्षेत्र माना जाता है. यहां पहले मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और मामूली अंतर से हार गए थे. बाद में यहां उपचुनाव भी हुआ, जब कांग्रेस के विधायक राहुल मामकूटाथिल को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते हटाया गया. हालांकि, पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण त्रिशूर का रोडशो रहा. इस दौरान केंद्रीय मंत्री और त्रिशूर सांसद सुरेश गोपी, बीजेपी उम्मीदवार पद्मजा वेणुगोपाल भी पीएम के साथ मौजूद रहे.
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पद्मजा, जो दिग्गज कांग्रेस नेता के करुणाकरण की बेटी हैं, उन्होंने पिछला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन इस बार बीजेपी में शामिल होकर सबको चौंका दिया. ग्राउंड पर महिला मतदाताओं में भी खास उत्साह देखने को मिला. बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इस बार बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है और पीएम ने आज दो महिला उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.
स्थानीय महिलाओं का कहना है, त्रिशूर में बीजेपी जीतेगी. जब उनसे पूछा गया कि पार्टी को बढ़त किससे मिल रही है, तो उन्होंने सुरेप गोपी के काम का जिक्र किया और कहा कि उनकी लोकप्रियता चुनाव में दिखेगी. एक उत्साही समर्थक माला ने कैमरे पर आकर खुशी जाहिर की और कहा, 'मैं इंडिया टुडे को यहां देखकर बहुत खुश हूं. मैं चैनल को नियमित रूप से देखती हूं. बीजेपी यहां जीतने जा रही है. जय नमो.'
केरल में अब तक राजनीति मुख्य रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच रही है, लेकिन बीजेपी अब खुद को तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है. हर चुनाव में पार्टी अपनी मौजूदगी मजबूत करती दिख रही है, लेकिन इस बार का विधानसभा चुनाव उसके लिए असली परीक्षा साबित होगा.