पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनावी सरगर्मी अब पूरे शबाब पर है. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक के बाद एक कई बड़े मुद्दों पर खुलकर बात की और BJP पर जोरदार हमला बोला.
ममता बनर्जी ने कहा कि हम सभी रामनवमी, दुर्गापूजा, छठपूजा, ईद और क्रिसमस सब मिलकर मनाते हैं. मुर्शिदाबाद की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने दुख जताया और कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सबसे करीबी सहयोगी शहनवाज खान थे, यह बताना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए और BJP हर हद पार कर रही है. उन्होंने बीरभूम में रामनवमी रैली के दौरान खुलेआम हथियार लहराए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के लिए BJP सीधे तौर पर जिम्मेदार है.
वोटर लिस्ट पर बड़ा आरोप
मुख्यमंत्री ममता ने वोटर लिस्ट के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा. उन्होंने कहा कि पहले 58 लाख नाम हटाए गए, फिर 60 लाख नाम विसंगतियों के नाम पर अंडर एडजुडिकेशन में डाले गए. यहां तक कि जजों के नाम भी अंडर एडजुडिकेशन में डाल दिए गए. उन्होंने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं है कि किसके नाम जोड़े गए और किसके हटाए गए. उनका आरोप था कि इरादा सबके नाम हटाने का है.
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ममता बोलीं- मेरे हाथ बंधे हैं
मुख्यमंत्री ममता ने यह भी कहा कि जो कुछ हो रहा है उसके लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि केंद्र ने उनके सारे अधिकार छीन लिए हैं. उन्होंने कहा कि लोग खुद इसका जवाब देंगे.
बेहाला और लक्ष्मीर भंडार पर भी बोलीं
मुख्यमंत्री ममता ने बेहाला में बुलडोजर से दुकानें हटाने की घटना पर माफी मांगी और कहा कि इसमें उनकी सरकार का कोई हाथ नहीं है. दो "शैतानों" ने यह काम किया और वे खुद उन दुकानों को दोबारा बनवाएंगी. इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि लक्ष्मीर भंडार योजना हमेशा जारी रहेगी.