
भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार शाम केरल विधानसभा चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया. राज्य में एक फेज में मतदान होगा. 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि 4 मई को नतीजों की घोषणा की जाएगी.
केरल में विधानसभा की कुल 140 सीटें हैं. केरल में लेफ्ट की अगुवाई वाले एलडीएफ की सरकार है. सूबे में हर चुनाव में सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड रहा है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में टूट गया था. पिनराई विजयन की अगुवाई वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने के लिए जोर लगा रही है. वहीं, विपक्षी कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए कोशिश कर रही है. इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भी कमल खिलने की उम्मीद लगाए हुए है.

कैसे रहे थे पिछले नतीजे
केरल की 140 में से 97 सीटों पर लेफ्ट की अगुवाई वाले एलडीएफ के उम्मीदवारों को जीत मिली थी. वहीं, कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ को 41 सीटों पर जीत मिली थी. अन्य को दो सीटों पर जीत मिली थी और बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को शून्य से संतोष करना पड़ा था.
किस गठबंधन में कौन
केरल में लेफ्ट की अगुवाई वाले गठबंधन एलडीएफ में लेफ्ट पार्टियों के साथ ही कांग्रेस (एस). जेकेसी और अब्दुल वहाब की आईएनएल जैसी पार्टियां शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, आरएसपी, सीएमपी और आरएमपीआई जैसे दल हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले तीसरे गठबंधन में भारत धर्म जन सेना के साथ ही एआईएडीएमके और छोटी क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं.