पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चुनाव खत्म होने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. मामला था EVM और पोस्टल बैलट बॉक्स को रखे गए स्ट्रॉन्ग रूम का. दोपहर से शुरू हुआ यह विवाद शाम तक इतना बढ़ गया कि मौके पर धरना, नेताओं का आमना-सामना और खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पहुंचना तक हो गया. करीब 6 घंटे तक माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. हालांकि रात होते-होते स्थिति शांत हुई और टीएमसी का धरना खत्म हो गया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग पूरी हो चुकी है. अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली काउंटिंग पर है. उत्तर कोलकाता की 7 सीटों के EVM और पोस्टल बैलट बॉक्स को एक स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया था. यह जगह नेताजी इंडोर स्टेडियम और खुदिराम अनुशीलन केंद्र थी.
दोपहर करीब 3:30 बजे तक सब नॉर्मल था. TMC के वर्कर्स और एजेंट्स स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मौजूद थे. फिर एक ई-मेल आया कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्ग रूम दोबारा खुलेगा. यह जानकारी मिलने के बाद कई टीएमसी वर्कर्स वहां से हट गए.
विवाद तब शुरू हुआ जब TMC नेता कुणाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. यहीं से शक पैदा हुआ. TMC ने दावा किया कि अंदर कुछ लोग पोस्टल बैलट और पिंक पेपर को संभाल रहे थे. यह भी कहा गया कि यह काम TMC के प्रतिनिधियों के बिना हो रहा था. TMC ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया और सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया.
धरना और सियासी टकराव
शाम होते-होते मामला और गरम हो गया. कुणाल घोष और शशि पांजा ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं. उन्होंने पहले ही पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि स्ट्रॉन्ग रूम पर 24 घंटे नजर रखी जाए.
मौके पर TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई. पुलिस को भारी संख्या में तैनात करना पड़ा. माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया.
यह भी पढ़ें: 'बैलेट बॉक्स की छंटनी की जा रही थी, EVM पूरी तरह सुरक्षित...', TMC के आरोपों पर चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग का जवाब
जब मामला बढ़ा तो चुनाव आयोग ने बयान जारी किया. पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सील और सुरक्षित हैं. हर प्रक्रिया एजेंट्स और ऑब्जर्वर्स की मौजूदगी में हुई. पोस्टल बैलट के लिए अलग रूम है. कोई बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं गया. आयोग ने TMC के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी कहा कि कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है.
ममता बनर्जी कहां-कहां पहुंचीं?
ममता बनर्जी सिर्फ एक जगह नहीं गईं. पहले नेताजी इंडोर स्टेडियम पहुंचीं जहां विवाद चल रहा था. फिर भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल गईं. कई घंटों तक वह यहां रहीं. इस दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता ने जमकर नारेबाजी की.
बीजेपी ने क्या कहा?
BJP नेता तपस रॉय ने कहा कि TMC हार के डर से अफवाह फैला रही है. उन्होंने खुद स्ट्रॉन्ग रूम जाकर जांच की और कहा कि सब कुछ सामान्य है. राज्य बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि TMC ने अपनी हार से पहले ही हार मान ली है. उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी पार्टी की स्थिति का अंदाजा हो चुका है और यही वजह है कि इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य की सरकार अब ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और इसके साथ ही आने वाले कुछ महीनों में पार्टी भी खत्म हो जाएगी. उन्होंने इस स्थिति को 'बुझने से पहले टिमटिमाती लौ' बताते हुए कहा कि यह सब सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है, जिसका जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.