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असम-केरल-पुडुचेरी चुनाव में 2.3 लाख मतदाता घर बैठे करेंगे वोट, बुजुर्ग और दिव्यांगों को मिलेगी सुविधा

असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. 85 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाताओं और दिव्यांगजन को घर पर ही मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

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केरल में 85 साल से अधिक उम्र वाले 1 लाख 45 हजार से अधिक मतदाता हैं. (Photo: ITG)
केरल में 85 साल से अधिक उम्र वाले 1 लाख 45 हजार से अधिक मतदाता हैं. (Photo: ITG)

असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में बुजुर्ग और दिव्यांग 2.3 लाख से अधिक मतदाता घर बैठे मतदान की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे. केरल में 85 साल से अधिक उम्र वाले 1 लाख 45 हजार 521, असम में 19 हजार 774 और पुडुचेरी में 2,066 मतदाता हैं. जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या केरल में 62 हजार 240, असम में 6 हजार 638 और पुडुचेरी में 1 हजार 621 मतदाता हैं. 

इन सभी को घर से मतदान करने की सुविधा मिलेगी. निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया.

असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के अनुसार, आयोग 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं और मतदाता सूची में चिह्नित दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) के लिए घर से मतदान करने की वैकल्पिक सुविधा प्रदान करता है.

ये लोग डाक मतपत्र के माध्यम से अपना वोट डाल सकते हैं. ऐसे मतदाताओं को अधिसूचना की तिथि से 5 दिनों के भीतर अपने संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को आवेदन करना होता है. तदनुसार, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.3 लाख से अधिक मतदाताओं को अब तक रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदान करने की सुविधा के लिए मंजूरी दी जा चुकी है.

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रजिस्टर कराने वाले मतदाता को घर पर मतदान करने के कार्यक्रम की जानकारी पहले से दे दी जाएगी और मतदान अधिकारियों की एक टीम मतदाता के घर जाकर उनका वोट एकत्र करेगी.

घर-घर मतदान की सुविधा

केरल, असम और पुडुचेरी के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदान शुरू हो चुका है और यह 5 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा. अगर मतदाता पहले दौर में उपस्थित नहीं होता है, तो दूसरा दौर भी आयोजित किया जाएगा. 

मतदान अधिकारियों के साथ एक वीडियोग्राफर और पुलिस सुरक्षा कवच मौजूद रहेगा और मतदान की गोपनीयता बनाए रखते हुए अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को घर बैठे मतदान की सुविधा का लाभ उठाने वाले मतदाताओं की सूची प्रदान की जाती है.

प्रक्रिया के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को मतदान दल के दौरे के कार्यक्रम के बारे में सूचित किया जाता है, और अगर वे चाहें, तो वे फॉर्म 10 में रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित करने के बाद अपने प्रतिनिधि को मतदान दल के साथ भेज सकते हैं. शेष 85 साल से अधिक आयु के और दिव्यांग मतदाता जिन्होंने वैकल्पिक गृह मतदान सुविधा का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें स्वयंसेवक, व्हीलचेयर और अन्य सहायता शामिल हैं, ताकि उन्हें मतदान का आरामदायक अनुभव मिल सके.

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