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असम में बीजेपी की हैट्रिक, एग्जिट पोल के आंकड़ों में क्या है कांग्रेस का हाल

असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुए थे, जिनके फाइनल नतीजे 4 मई को आएंगे. क्या बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है तो कांग्रेस को पांच साल के लिए फिर से सियासी वनवास झेलना होगा?

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असम का चुनाव हिमंत बिस्वा सरमा बनाम गौरव गोगोई (Photo-ITG)
असम का चुनाव हिमंत बिस्वा सरमा बनाम गौरव गोगोई (Photo-ITG)

असम विधानसभा चुनाव की अब बारी नतीजे की है. 4 मई को मतगणना होगी, लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के सर्वे में असम के सियासी मिजाज का पता चल जाएगा. बीजेपी की कोशिश सत्ता की हैट्रिक लगाने की थी, जिसमें वो कामयाब होती नजर आ रही है. कांग्रेस अपने 10 साल के वनवास को खत्म करने में फिर फेल हो गई. 

असम में परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव हुए हैं, राज्य की 126 सीटों पर 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है. हिमंत बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस ने गौरव गोगोई को मैदान में उतारा था. 

एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक बीजेपी 88 से 100 सीटें जीत सकती है तो कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिलने का अनुमान है. इस तरह से एनडीए असम में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को जीत मिलने का अनुमान है. 

असम में किसे कितनी सीटें मिल रही

बीजेपी-88-100 सीटें

कांग्रेस-24-36 सीटें

अन्य-0-3 सीटें

असम में वोट शेयर किसे कितना

बीजेपी-48 फीसदी

कांग्रेस-38 फीसदी

अन्य-14 फीसदी

एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को लाभ तो कांग्रेस को सियासी नुकसान होता दिख रहा है. 

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असम एग्जिट पोल

असम की चुनावी लड़ाई जितनी सीधी दिख रही है, उतनी है नहीं, क्योंकि राज्य की सियासत तीन इलाके में बंटी हुई है. ऊपरी, मध्य और निचले असम की चुनावी और राजनीतिक जंग है, जहां का सामाजिक ढांचा, मुद्दे और वोटिंग के पैटर्न एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. असम के 2021 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 75 और कांग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थी.

2021 में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) भी कांग्रेस गठबंधन में शामिल थी, लेकिन इस बार अलग चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस ने इस बार लेफ्ट के साथ असम की दो क्षेत्रीय दलों के साथ भी हाथ मिला रखा है, लेकिन सवाल यही है कि बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर पाएगी?

असम की कुल 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में है, जिसमें बीजेपी सबसे ज्यादा 90 सीट पर उम्मीदवार हैं तो उसकी सहयोगी दलों में असम गढ़ परिषद (एजेपी) 26 सीट और बीपीएफ 11 सीट पर चुनाव लड़ रही है. एक सीट पर बीजेपी-एजेपी दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार रखे हैं. 

वहीं, कांग्रेस ने असम की 99 सीट पर उम्मीदवार उतार रखा है तो सहयोगी दलों में रायजोर दल 13 सीट और असम जातीय परिषद 10 सीट पर चुनाव लड़ रही है. इसके अलावा सीपीआई माले 2 सीट, सीपीएम 2 सीट और एपीएलसी दो सीट पर चुनाव लड़ रही. बदरुद्दीन अजमल की पार्टी 27 सीट पर अपने उम्मीदवार उतार रखे हैं तो टीएमसी 23 सीट पर चुनाव लड़ रही है. जेएमएम 19 सीटों पर चुनाव में किस्मत आजमा रही है. 

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