असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐलान किया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पहचान और विकास मुख्य फोकस होंगे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें राज्य से निष्कासित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जब तक स्वदेशी आबादी के हितों की रक्षा नहीं होती, तब तक राज्य का विकास संभव नहीं है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि अब विदेशियों के प्रति नरम रुख अपनाने का विकल्प नहीं बचा है.
कोर्ट के आदेशानुसार, एक बार विदेशी के रूप में पहचान होने पर डिप्टी कमिश्नर उस शख्स को देश छोड़ने का आदेश दे सकते हैं. सरमा ने विश्वास जताया कि विकास कार्य जारी रहेंगे और नए साल में उनका संकल्प बीजेपी को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाना है.
स्वदेशी हितों और पहचान पर जोर
मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा, "असम की स्वदेशी आबादी के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है. बिना सुरक्षा के प्रगति का कोई अर्थ नहीं है. अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाएगा, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी और संस्कृति सुरक्षित रहे."
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विकास और तीसरी बार सत्ता का संकल्प
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य बिना रुके चलते रहेंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समाज के हर शख्स को इनका लाभ मिले. नए साल के मौके पर उन्होंने अपना राजनीतिक लक्ष्य भी साझा किया. मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि वह असम में बीजेपी की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे, जिससे विकास की गति को और तेज किया जा सके.