| Gender | M |
| Age | 42 |
| State | BIHAR |
| Constituency | TIKARI |
सुबोध कुमार सिंह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 42 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता Literate है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (0) है. उनकी कुल संपत्ति 45.2Lac रुपये है, जबकि उन पर 0 रुपये की देनदारी है.
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Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2025 |
|---|---|
| Total Assets | 45.2Lac |
| Movable Assets | 15.2Lac |
| Immovable Assets | 30Lac |
| Liabilities | 0 |
| Self Income | 0 |
| Total Income | 0 |
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार को Z प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी. बिहार सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसी बीच नीतीश कुमार से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। 9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया इसके साथ ही शुरू हो जाएगी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
बिहार विधानसभा चुनाव की गूंज यूपी की सियासी जमीन पर भी सुनाई पड़ रही है. इसकी वजह यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए को जिताने के लिए मशक्कत कर रहे थे तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महागठबंधन के लिए पूरी ताकत झोंक दी. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार का यूपी कनेक्शन क्या है?
इंडिया टुडे ने चुनाव आयोग के डेटा की गहराई से जांच की और पाया कि SIR और चुनाव नतीजों के बीच कोई सीधा या समझ में आने वाला पैटर्न दिखता ही नहीं. हर बार जब एक ट्रेंड बनता लगता है, तुरंत ही एक दूसरा आंकड़ा उसे तोड़ देता है. बिहार चुनाव में NDA ने 83% सीटें जीतीं, पर SIR से जुड़े नतीजे अलग कहानी कहते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एक दिलचस्प पैटर्न सामने आया है. जहां सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीती गई पांचों सीटें NDA के खाते में गईं, वहीं बेहद कम मार्जिन वाली सीटों पर अलग-अलग दलों की जीत दर्ज हुई. चुनावी आंकड़े बताते हैं कि भारी अंतर वाली सीटों पर NDA का दबदबा स्पष्ट दिखा जबकि कम अंतर वाली सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा.
jamui result shreyasi singh: जमुई विधानसभा सीट से दूसरी बार श्रेयसी ने राजद के मोहम्मद शमसाद आलम को 54 हजार वोटों से हराकर जीत हासिल की हैं.
बिहार चुनाव में महागठबंधन का प्रदर्शन बुरी तरह फ्लॉप रहा और RJD-कांग्रेस गठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया. इसकी बड़ी वजहें थीं- साथी दलों के बीच लगातार झगड़ा और भरोसे की कमी, तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने का विवादास्पद फैसला, राहुल-तेजस्वी की कमजोर ट्यूनिंग और गांधी परिवार का फीका कैंपेन.
बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रहे माननीयों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. गया और कैमूर जिले में बीजेपी के वीरेंद्र सिंह और संगीता कुमारी के साथ-साथ हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के विधायक अनिल कुमार से जनता ने उनके पांच साल के काम का हिसाब मांगा.
बिहार विधानसभा चुनाव में नेताओं को जनता के तीखे सवालों और गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. गया के टिकारी और वजीरगंज के साथ-साथ कैमूर के मोहनिया में जब मौजूदा विधायक वोट मांगने पहुंचे, तो मतदाताओं ने उन्हें घेर लिया और पिछले पांच साल के काम का हिसाब मांगा. टिकारी में जीतन राम मांझी की पार्टी विधायक अनिल कुमार को घेर लिया.
बिहार के गया जिले में सत्तापक्ष के प्रत्याशी और वर्तमान विधायक वोट मांगने गए लेकिन जनता ने उनकी बात नहीं सुनी और विरोध किया. वजीरगंज के बीजेपी विधायक वीरेंद्र सिंह को इतना विरोध सहना पड़ा कि उन्हें गाँव छोड़ना पड़ा.