यूजीसी ने पीएचडी के नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत अब दो साल में एमफिल एवं छह साल में पीएचडी पूरी करनी अनिवार्य होगी.
महिलाओं को पीएचडी के दौरान 240 दिन का मातृत्व अवकाश और बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टियां मिलने की अधिसूचना जारी कर दी गई है. उच्च शिक्षा सचिव विनयशील ओबराय एवं के चेयरमैन वेदप्रकाश ने मंगलवार को इन फैसलों की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को एमफिल के लिए एक साल और पीएचडी के लिए दो साल का अतिरिक्त समय मिल सकेगा. बीच में उन्हें एक संस्थान से दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा भी होगी. इसके अलावा पीएचडी के लिए प्रोफेसरों एवं सहायक प्रोफेसरों की संख्या को भी लचीला बनाया गया है.
यूजीसी ने 2009 से पहले करने वालों को भी शिक्षक नियुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है. इनके लिए कुछ शर्ते लगाई गई हैं. जैसे पीएचडी नियमित होनी चाहिए. बाहरी विशेषज्ञों की ओर से उसकी जांच की गई हो. यूजीसी ने शिक्षकों की प्रमोशन के लिए एपीआई मानकों में भी बदलाव किए हैं. इसमें विभिन्न श्रेणियों में एक निश्चित अंक हासिल करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है.