scorecardresearch
 

ये हैं भारत के सबसे होनहार बच्‍चे

कौटिल्य, सलोनी, आकृत, अजय, केशव, प्रियांशी ये उन बच्‍चों के नाम हैं, जिन्‍होंने देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी है. बेशक इन्‍हें देख आप बस बच्‍चा समझ लें लेकिन इनके कारनामों का लोहा सारी दुनिया मानती है.

Advertisement
X
Genius Kids Of India
Genius Kids Of India

कौटिल्य, सलोनी, आकृत, अजय, केशव, प्रियांशी ये उन बच्‍चों के नाम हैं, जिन्‍होंने देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी है. बेशक इन्‍हें देख आप बस बच्‍चा समझ लें लेकिन इनके कारनामों का लोहा सारी दुनिया मानती है.


कौटिल्य:
भारत के इस होनहार बच्चे की उम्र सिर्फ 5 वर्ष है, जिसे गूगल बॉय के नाम से भी जाना जाता है. हरियाणा के करनाल में रहने वाला कौटिल्य का दिमाग विकीपीडिया से कम नहीं है. वह देश-विदेश के भूगोल और जनरल नॉलेज के बारे में ऐसे बताता है कि बड़े - बड़ों के छक्के छूट जाएं. पहली क्लास में ही कौटिल्य किसी भी नदी, पहाड़, राज्य, नामचीन हस्तियों आदि के बारे में पूछने पर, पलक झपकते ही उसका जवाब दे देता था. उसकी इस से परिवार और आस-पास के लोग हैरान थ्‍ो. आज कौटिल्‍य का लोहा देश ही नहीं दुनिया भी मानती है.

सलोनी दायनी:
सलोनी दायनी की उम्र 7 साल है, वह सेंट हेलेन स्‍कूल पुणे में पढ़ती है. सलोनी ने 2009 में क्‍लर्स चैनल के हिट रियलटी टीवी शो छोटे मिंया में कंटेस्‍टेंट बनी और इस शो को जीता. लेकिन ये सफर यहीं नहीं रुका, इसके बाद सलोनी ने 2009 में कॉमेडी शो छोटे मिंया बड़े मिंया में राजीव ठाकुर के साथ भाग लिया. सलोनी ने इस बार भी बाजी मारी और ये जोड़ी विजेता बनीं. सबके चेहरे पर पलभर में हंसी लाने वाली सलोनी का सफर कॉमेडी सर्कस में हिस्‍सा लेने के साथ बदस्‍तूर जारी है.

Advertisement

आकृत जसवाल:
आकृत जसवाल को दुनिया का सबसे स्मार्ट लड़का कहा जा सकता है. आकृत का नाम वर्ष 2000 में तब सुर्खियों में आया जब इन्होंने अपने घर में . आकृत की पेशेंट एक लड़की थी, जिसका हाथ ए‍क हादसे के दौरान आग लगने से हाथ जल गया था. उसकी उंगलियां ख्‍ाराब हो थी और वह सामान्य तरीके से काम नहीं कर सकती थी. उस दौरान आकृत के पास मेडिकल का कोई अनुभव नहीं था और न ही उसने इसकी कोई ट्रेनिंग ली थी. लेकिन आकृत ने अपने हुनर का इस्‍तेमाल किया और उस लड़की का ऑपरेशन किया. जिसके बाद वह लड़की अपने हाथ का पूरी तरह से इस्‍तेमाल कर सकती थी. आकृत अभी नेचुरल साइंस में अपनी पढ़ाई में व्यस्त हैं और आगे की पढ़ाई हार्वर्ड में करने का प्‍लान है.

प्रियांशी सोमानी:
मैथ्‍स के डर से अच्छे - अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. लेकिन सूरत की 11 साल की सलोनी ने मेंटल केलकुलेसन वर्ल्ड कप 2010 का जर्मनी में हुई इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद अमेरिका के मनोवैज्ञानिक अब प्रियांशी पर अध्ययन करना चाहते हैं. प्रियांशी सोमानी सूरत की रहने वाली है.

अजय पुरी:
दुनिया के सबसे छोटे वेब डिजाइनर अजय पुरी ने महज 2 साल की उम्र में पहली वेबसाइट डिजाइन की थी. नौ साल के मास्टर अजय पुरी को जनवरी 2006 में हैदराबाद में मनाए गए प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा सम्मानित किया गया. वे अपने पिता के साथ थाइलैंड में रहते हैं. साल 2001 में जब अजय चार साल का था, तब एडमिंस्ट्रेटिव स्टाफ काॅलेज,  हैदराबाद में खुद का डिजाइन किया हुआ प्रेजेंटेशन पेश किया था. जिसे देखकर लाेगों ने दांतों तले उंगलियां दबा ली थीं. बिल गेट्स ने दी बधाई अजय पुरी को अपनी वेबसाइट बनाने के लिए माइक्रोसाफ्ट के चेयरमैन बिल गेट्स ने भी बधाई दी थी.

Advertisement

केशव:
2003 में जन्‍मा केशव तबला वादक है. पिछले साल हुए कॉमनवेल्‍थ गेम की ओपनिंग सेरेमनी ने अपने नन्‍हें हाथों से तबला बजाकर केशव ने हर किसी का ध्‍यान आर्कषित किया था. उसने महज दो साल की उम्र में केशव ने तबला वादन सीखने की शुरुआत की थी.

Advertisement
Advertisement