चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है. इस साल सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसने शहर के शिक्षा मॉडल की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है.
आंकड़ों में बड़ी छलांग
इस साल चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत बढ़कर 88.25% पहुंच गया है, जो पिछले साल (81.18%) के मुकाबले 7.07% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या (9,356) पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी, लेकिन पास होने वाले छात्रों की संख्या (8,257) बढ़ गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर दिया गया जोर रंग ला रहा है.
होनहारों ने गाड़े झंडे
इस बार न केवल पास होने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि 'हाई स्कोरर्स' की लिस्ट भी लंबी हुई है. 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल 11 थी, जो इस बार लगभग दोगुनी होकर 21 हो गई है. वहीं, 120 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं.
शहर के चमकते सितारे:
अभय सिंह (GMSSS सेक्टर 33-D): 98.8%
सान्वी बिंजोला (GGMSSS सेक्टर 20-B): 98.4%
विष्णु देव (GMSSS सेक्टर 35-D): 98.2%
इसके अलावा अनुज शर्मा (97.4%), रिधिमा (96.8%) और जयकृत सिंह (96.8%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है.
17 स्कूलों का 'परफेक्ट' स्कोर
स्कूल स्तर पर भी नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. शहर के 17 सरकारी स्कूलों ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. वहीं, 23 स्कूल ऐसे रहे जहाँ 95% से ज्यादा छात्र सफल हुए. 10 अन्य स्कूलों ने भी 90 से 95 फीसदी के बीच शानदार प्रदर्शन किया है.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे साल भर चली कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति है. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज, स्ट्रक्चर्ड रिवीजन प्लान और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे कदमों ने नतीजों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई.
शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ ने इस उपलब्धि पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब 'मिशन 100%' को पूरी तरह हासिल करना है ताकि आने वाले समय में शहर का हर सरकारी स्कूल शत-प्रतिशत रिजल्ट दे सके.